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रिपोर्टर: नीरज कौशिक

Burhanpur : मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में स्थित सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) की गुणवत्ता और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। धुलकोट क्षेत्र के सुक्ता खुर्द ग्राम स्थित शासकीय नवीन प्राथमिक विद्यालय बैलथड़ में गुरुवार को निर्धारित पौष्टिक मेन्यू की जगह बच्चों को केवल सादे चावल परोसने का मामला प्रकाश में आया है। इससे ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है।

मेन्यू में वेजिटेबल पुलाव, परोस दिए मिर्च-हल्दी वाले चावल

Burhanpur शासन द्वारा तय नियमावली के अनुसार गुरुवार के दिन विद्यार्थियों के लिए वेजिटेबल पुलाव और पकोड़े वाली कढ़ी तैयार की जानी थी। इसके विपरीत, बैलथड़ स्कूल में छात्रों को केवल मिर्च, हल्दी और नमक मिले सादे चावल खाने को दिए गए। दर्ज 50 विद्यार्थियों में से उस दिन उपस्थित 22 बच्चों को पौष्टिक कढ़ी और पुलाव के बजाय अधूरा भोजन दिया गया, जिससे योजना के मूल उद्देश्यों की अवहेलना हुई है।

स्व सहायता समूहों की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल

Burhanpur सरकारी विद्यालयों में स्वच्छता, तय मात्रा और गुणवत्तायुक्त पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने का दायित्व संबंधित स्वयं सहायता समूहों को सौंपा जाता है। कई ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण यह भोजन बच्चों के शारीरिक विकास और पोषण के लिए अति आवश्यक होता है। मेन्यू के अनुरूप भोजन न मिलने से संबंधित स्वयं सहायता समूह की भूमिका और उनके कामकाज के तरीकों पर उंगलियां उठने लगी हैं।

ग्रामीणों ने उठाई निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

Burhanpur मामला सामने आने के पश्चात स्थानीय निवासियों ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि न केवल बैलथड़ स्कूल, बल्कि पूरे क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों में परोसे जा रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और आपूर्ति का नियमित निरीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि दोषी पाए जाने वाले समूहों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।

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