By: Ishu Kumar
Bokaro : जिले में संपन्न हुए नगर निकाय चुनाव के परिणामों ने स्थानीय राजनीति में नई दिशा तय कर दी है। चास नगर निगम और फुसरो नगर परिषद दोनों जगहों पर मतदाताओं ने अपने प्रतिनिधियों को स्पष्ट जनादेश दिया। चास में भोलू पासवान ने लगातार दूसरी बार मेयर पद पर जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की, जबकि फुसरो में कांग्रेस समर्थित निर्मला देवी ने निर्णायक बढ़त के साथ जीत हासिल की।

चास नगर निगम: 2969 मतों से भोलू पासवान की वापसी
Bokaro चास नगर निगम के मेयर पद के लिए हुए चुनाव में भोलू पासवान को कुल 17,796 मत प्राप्त हुए। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा समर्थित उम्मीदवार अविनाश कुमार को 2,969 मतों के अंतर से पराजित किया। अविनाश कुमार को 14,827 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे। वहीं, कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी जमील अख्तर को 10,320 मत प्राप्त हुए, जिससे वे तीसरे स्थान पर रहे।
जीत के बाद भोलू पासवान ने कहा कि यह जनता द्वारा किए गए विकास कार्यों पर मुहर है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कार्यकाल में शहर के बुनियादी ढांचे, सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में जो प्रयास किए गए, उसी का परिणाम यह जनसमर्थन है। चास नगर निगम के सभी 35 वार्ड पार्षदों के परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं, जिससे अब नए बोर्ड के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
फुसरो नगर परिषद: निर्मला देवी को स्पष्ट बहुमत
Bokaro फुसरो नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार निर्मला देवी को 12,780 मत प्राप्त हुए। उन्होंने भाजपा समर्थित प्रत्याशी ममता देवी को 2,503 मतों के अंतर से हराया। यह जीत फुसरो में कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
निर्मला देवी की जीत के साथ ही नगर परिषद के सभी 28 वार्ड पार्षदों के परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं। मतगणना के बाद समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा गया। विजयी उम्मीदवार ने मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि वे शहर के विकास, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता देंगी।
विकास और जनविश्वास बना चुनाव का मुख्य मुद्दा
Bokaro दोनों निकायों में चुनाव परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी। चास में जहां भोलू पासवान को उनके पिछले कार्यकाल के आधार पर समर्थन मिला, वहीं फुसरो में बदलाव की चाह ने निर्मला देवी को बढ़त दिलाई।
अब नए जनप्रतिनिधियों के सामने शहरों के समग्र विकास, जल-निकासी, सड़क, स्वच्छता और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने की चुनौती होगी। चुनाव परिणामों के साथ ही बोकारो जिले की नगरीय राजनीति में नई ऊर्जा और नई उम्मीदों का दौर शुरू हो गया है।
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