By: Ishu Kumar
Bareilly : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुभाषनगर पुलिस को एक ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से भारी मात्रा में स्मैक बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 5 करोड़ 30 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से ड्रग्स माफियाओं के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी और गिरफ्तारी
Bareilly यह पूरी कार्रवाई एक पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर अंजाम दी गई। सुभाषनगर पुलिस को सूचना मिली थी कि एक तस्कर भारी मात्रा में नशे की खेप लेकर निकलने वाला है। इस पर त्वरित एक्शन लेते हुए पुलिस टीम ने ग्राम रौंधी जाने वाले मार्ग पर पाकड़ के पेड़ के पास अपना जाल बिछाया।
घेराबंदी के दौरान पुलिस ने संदिग्ध युवक को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी में उसके पास से 2 किलो 645 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान शोभित गुप्ता के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बदायूं जिले के मूसाझाग थाना क्षेत्र के ग्राम सैजनी का निवासी है।
पारिवारिक कनेक्शन और पंजाब तक फैला ड्रग्स नेटवर्क
Bareilly पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में नशे के इस काले कारोबार की परतों के पीछे एक गहरा पारिवारिक जाल सामने आया है। आरोपी शोभित गुप्ता ने कुबूल किया कि वह यह स्मैक खुद तैयार नहीं करता था, बल्कि अपने फूफा रजनीश गुप्ता से माल लेकर आता था।
पूछताछ में यह भी सनसनीखेज खुलासा हुआ कि बरामद की गई स्मैक की यह बड़ी खेप पंजाब से आने वाली एक ‘पार्टी’ को सप्लाई की जानी थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि बरेली और बदायूं के ये तस्कर अंतरराज्यीय ड्रग्स गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं, जो उत्तर प्रदेश से पंजाब तक नशे का जाल फैलाए हुए हैं। पुलिस अब उस ‘पंजाब कनेक्शन’ को खंगाल रही है जिसे यह माल डिलीवर होना था।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई और आगे की जांच
Bareilly गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी शोभित गुप्ता के विरुद्ध NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बरामद स्मैक को सील कर दिया है और आरोपी को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एसएसपी कार्यालय के अनुसार, अब पुलिस का मुख्य ध्यान इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड रजनीश गुप्ता की गिरफ्तारी पर है। साथ ही, उन सभी मोबाइल नंबरों और संपर्कों की जांच की जा रही है जिनसे यह गिरोह संचालित होता था। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य सफेदपोश चेहरों और सप्लायर्स को भी बेनकाब किया जाएगा।
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