BAPS Hindu Mandir Abu DhabiBAPS Hindu Mandir Abu Dhabi
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रिपोर्टर: विपिन राणा

BAPS Hindu Mandir Abu Dhabi : संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी स्थित BAPS हिंदू मंदिर को प्रतिष्ठित ‘Tolerance Award 2026’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान तीसरे अंतरराष्ट्रीय सभ्यता एवं सहिष्णुता संवाद सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन संस्थाओं और व्यक्तियों को दिया जाता है जो विश्वभर में सहिष्णुता, सामाजिक समरसता और पारस्परिक सम्मान को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान देते हैं।

मंदिर को यह सम्मान विभिन्न संस्कृतियों और समुदायों के बीच एकता, भाईचारे और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को प्रोत्साहित करने के लिए दिया गया। पुरस्कार को BAPS हिंदू मंदिर के प्रमुख ब्रह्मविहारी स्वामी ने स्वीकार किया।

BAPS Hindu Mandir Abu Dhabi तकनीक और परिवार पर स्वामी ब्रह्मविहारी के विचार

सम्मेलन को संबोधित करते हुए ब्रह्मविहारी स्वामी ने आधुनिक तकनीक और पारिवारिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की क्षमताओं पर चर्चा कर रही है, लेकिन साथ ही यह भी विचार करना जरूरी है कि तकनीक का प्रभाव मानव जीवन और सामाजिक संबंधों को किस दिशा में ले जा रहा है।

उन्होंने बताया कि किसी भी मजबूत समाज की नींव मजबूत परिवार होते हैं और संस्कृति ही समाज को जोड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है।

BAPS Hindu Mandir Abu Dhabi ‘घर सभा’ परंपरा को बताया सामाजिक एकता का माध्यम

स्वामी जी ने ‘घर सभा’ की विशेष परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परिवारों को जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। इस पहल के तहत परिवार के सदस्य प्रतिदिन कुछ समय बिना मोबाइल, टीवी या अन्य डिजिटल उपकरणों के एक साथ बिताते हैं। इस दौरान प्रार्थना, संवाद और एक-दूसरे की बातों को सुनने पर जोर दिया जाता है, जिससे पारिवारिक रिश्ते मजबूत होते हैं।

BAPS Hindu Mandir Abu Dhabi BAPS हिंदू मंदिर की प्रमुख विशेषताएं

पश्चिम एशिया का भव्य पारंपरिक हिंदू मंदिर

अबू धाबी का BAPS हिंदू मंदिर पश्चिम एशिया में पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली में निर्मित सबसे प्रमुख हिंदू मंदिरों में से एक है।

बिना स्टील और कंक्रीट के निर्माण

मंदिर के निर्माण में आधुनिक धातुओं जैसे स्टील और कंक्रीट का उपयोग नहीं किया गया है। इसे पारंपरिक भारतीय शिल्पकला के अनुसार पत्थरों से तैयार किया गया है।

सात शिखरों का विशेष महत्व

मंदिर में सात भव्य शिखर बनाए गए हैं, जो संयुक्त अरब अमीरात के सात अमीरातों का प्रतीक माने जाते हैं।

भारत-यूएई मित्रता का प्रतीक

यह मंदिर भारत और यूएई के बीच मजबूत सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों का भी प्रतीक बन चुका है।

अद्भुत जल और वास्तुकला डिजाइन

मंदिर परिसर में गंगा और यमुना के जल से प्रेरित कृत्रिम जलधाराएं बनाई गई हैं। साथ ही विशेष प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से सरस्वती नदी की सांकेतिक प्रस्तुति भी की गई है।

राजस्थान और इटली के पत्थरों का उपयोग

मंदिर के निर्माण में राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर और इटली के उच्च गुणवत्ता वाले सफेद संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है।

शांति और सद्भाव का वैश्विक केंद्र

आज यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं बल्कि विश्व शांति, सांस्कृतिक संवाद और मानव एकता का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

मंदिर ने अपनी भव्य वास्तुकला, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और तकनीकी नवाचार के लिए कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए हैं।

BAPS हिंदू मंदिर, अबू धाबी केवल एक धार्मिक संरचना नहीं बल्कि वैश्विक भाईचारे, सहिष्णुता और सांस्कृतिक समन्वय का जीवंत उदाहरण बन चुका है। ‘Tolerance Award 2026’ इस बात का प्रमाण है कि यह मंदिर दुनिया भर में शांति, एकता और मानवीय मूल्यों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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