by-Ravindra Sikarwar
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के मौईमा इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। यहां एक महिला ने अपने देवर के प्राइवेट पार्ट्स काट दिए, क्योंकि उसने उसकी छोटी बहन से शादी करने से मना कर दिया था। यह घटना 16 अक्टूबर 2025 की आधी रात को मलखानपुर गांव में हुई, जहां आरोपी महिला ने चाकू से हमला कर युवक को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, और पीड़ित का इलाज चल रहा है। इस घटना ने पारिवारिक रिश्तों में भावनात्मक उथल-पुथल और बदले की भावना को उजागर किया है, जो समाज में ऐसी हिंसक घटनाओं की जड़ें दर्शाती है।
घटना का पूरा विवरण:
घटना मलखानपुर गांव में रहने वाले राम आसरे के घर में हुई। पीड़ित उमेश (20 वर्ष) उस रात अपने कमरे में सो रहा था। घर के सभी सदस्य सो चुके थे, तभी आरोपी मन्जू (उमेश के बड़े भाई उदय की पत्नी) ने रसोई से चाकू लिया और चुपके से उमेश के कमरे में घुस गई। उसने पहले उमेश पर कई बार चाकू से वार किए, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। फिर, बदले की आग में जलते हुए, मन्जू ने उसके प्राइवेट पार्ट्स काट दिए। उमेश की चीखें सुनकर परिवार वाले जागे और उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर गिरीश मिश्रा की टीम ने डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक सर्जरी की, जिसमें उमेश की जान बच गई। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत अब स्थिर है, लेकिन पूर्ण रूप से ठीक होने में 7-8 महीने लग सकते हैं। हमले के दौरान उमेश को कई जगह चोटें आईं और खून की भारी कमी हुई। मन्जू हमले के बाद मौके से फरार हो गई, लेकिन पुलिस ने उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी और पीड़ित के बीच का रिश्ता:
उमेश और मन्जू का रिश्ता पारिवारिक था—मन्जू उमेश के बड़े भाई उदय की पत्नी है, यानी उमेश की भाभी। घटना की जड़ तीन साल पुरानी है, जब उमेश का मन्जू की छोटी बहन से प्रेम संबंध शुरू हुआ। दोनों ने शादी का वादा किया था, लेकिन उमेश के परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया, क्योंकि वे करीबी रिश्तेदार थे। परिवार के दबाव में उमेश ने रिश्ता तोड़ दिया और किसी दूसरी लड़की में रुचि दिखाने लगा। इससे मन्जू की बहन गहरे अवसाद में चली गई और खुद को अलग-थलग कर लिया। अपनी बहन की पीड़ा देखकर मन्जू उमेश से बेहद नाराज हो गई और बदला लेने की योजना बनाई। पुलिस जांच में यह सामने आया कि मन्जू की भावनाएं इतनी उग्र हो गई थीं कि उसने इस हिंसक कदम को अंजाम दिया।
पुलिस जांच और कार्रवाई:
परिवार ने शुरू में पुलिस में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। एसीपी विवेक कुमार यादव के नेतृत्व में जांच टीम ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। जांच के दौरान मन्जू के बयानों में विरोधाभास पाया गया, जिससे उस पर शक हुआ। पुलिस ने पुष्टि की कि मन्जू ने ही हमला किया था। जांच में परिवार की जटिल रिश्तेदारियों का खुलासा हुआ, जो इस अपराध की पृष्ठभूमि बन गईं। मन्जू को गिरफ्तार कर लिया गया है, और पुलिस आगे की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 326 (गंभीर चोट पहुंचाना) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
घटना का सामाजिक प्रभाव और प्रतिक्रियाएं:
यह घटना मौईमा इलाके के निवासियों के लिए सदमे जैसी है। गांव वाले इस पारिवारिक विवाद से हैरान हैं, जो इतनी हिंसक रूप ले लेगा। सोशल मीडिया पर इस खबर ने सनसनी फैला दी है, जहां लोग आरोपी की मानसिकता पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ ने इसे ‘बदले की चरम सीमा’ बताया, जबकि अन्य ने पारिवारिक रिश्तों में संवाद की कमी पर चिंता जताई। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में भावनात्मक दबाव और परिवार का हस्तक्षेप अक्सर हिंसा को जन्म देता है। महिलाओं और युवाओं के लिए काउंसलिंग की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।
पृष्ठभूमि और सबक:
उत्तर प्रदेश में ऐसी हिंसक घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जहां प्रेम संबंधों के टूटने से बदले की भावना उभरती है। इस मामले में भी तीन साल का रिश्ता टूटना और परिवार का विरोध मुख्य कारण बना। घटना हमें सिखाती है कि पारिवारिक विवादों को समय रहते सुलझाना जरूरी है, अन्यथा वे हिंसक रूप ले सकते हैं। पीड़ित उमेश अब अस्पताल में है, और उसके परिवार ने न्याय की उम्मीद जताई है। मन्जू की गिरफ्तारी से जांच तेज हो गई है, और कोर्ट का फैसला इस मामले को अंतिम मोड़ देगा।
यह घटना समाज को चेतावनी देती है कि भावनाओं को नियंत्रित रखें और हिंसा का सहारा न लें, क्योंकि इससे केवल तबाही होती है।
