by-Ravindra Sikarwar
बेंगलुरु: राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव पर सोने की तस्करी के एक मामले में ₹102 करोड़ से अधिक का भारी जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना देश में अवैध सोने की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है। इस मामले में रान्या राव के साथ तीन अन्य लोगों पर भी करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिससे कुल जुर्माना ₹270 करोड़ से अधिक हो गया है।
मामले का विस्तृत विवरण:
- गिरफ्तारी और बरामदगी: रान्या राव को 3 मार्च को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दुबई से लौटने के बाद गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से 14.8 किलोग्राम सोना बरामद हुआ था, जिसकी कीमत ₹12.56 करोड़ थी।
- DRI की जांच: DRI की जांच में यह खुलासा हुआ कि रान्या राव 2023 और 2025 की शुरुआत के बीच 52 बार दुबई की यात्रा कर चुकी थीं। यह माना जाता है कि इन यात्राओं के दौरान उन्होंने 127.3 किलोग्राम सोने की तस्करी की।
- जुर्माना और नोटिस: DRI ने रान्या राव को 2,500 पन्नों का विस्तृत नोटिस भेजा है, जिसमें उन पर ₹102.55 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर वह समय पर जुर्माना नहीं चुकाती हैं, तो उनकी संपत्तियों को जब्त कर लिया जाएगा।
- अन्य आरोपी: इस मामले में तीन अन्य लोग भी आरोपी हैं:
- तरुण कोंडुर राजू: उन पर 67.6 किलोग्राम सोने की तस्करी के लिए ₹62 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है।
- साहिल जैन और भरत जैन: इन दोनों पर 63.61 किलोग्राम सोने की तस्करी के लिए ₹53-53 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है।
- COFEPOSA अधिनियम के तहत सजा: रान्या राव को पहले ही जुलाई 2025 में सख्त COFEPOSA (Conservation of Foreign Exchange and Prevention of Smuggling Activities Act) अधिनियम के तहत एक साल की कैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
मामले के अन्य पहलू:
- रान्या राव एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की सौतेली बेटी हैं, जिसके कारण यह मामला काफी हाई-प्रोफाइल बन गया है।
- जांच में यह भी सामने आया है कि सोने की खरीद के लिए हवाला चैनलों का इस्तेमाल किया गया था।
- रान्या राव ने DRI हिरासत में दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था, जिसमें थप्पड़ मारने और खाना-पीना न देने का दावा शामिल है।
- यह मामला अभी भी अदालत में चल रहा है और अगली सुनवाई 11 सितंबर को होनी है।
इस बड़े जुर्माने को अवैध सोने की तस्करी के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। यह उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो ऐसे अवैध कृत्यों में लिप्त हैं।
