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by-Ravindra Sikarwar

धार अब मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा निर्यातक जिला बन गया है, जिसने लंबे समय से इस स्थान पर रहने वाले इंदौर को पीछे छोड़ दिया है। यह एक महत्वपूर्ण आर्थिक उपलब्धि है जो धार जिले में हुए बड़े औद्योगिक विकास को दर्शाती है।

धार की सफलता के मुख्य कारण:
धार की इस सफलता का श्रेय कई प्रमुख कारकों को दिया जाता है, जिनमें नए उद्योगों की स्थापना और वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में मजबूत निर्यात शामिल हैं।

  1. वस्त्र और कपड़ा उद्योग में वृद्धि: धार, विशेष रूप से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र, वस्त्र और परिधान निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। इस क्षेत्र में मजबूत शिपमेंट ने जिले के निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
  2. नए उद्योगों का आगमन: जिले में नए औद्योगिक इकाइयों के स्थापित होने से निर्यात में विविधता आई है और कुल निर्यात बास्केट का विस्तार हुआ है।
  3. औद्योगिक बुनियादी ढांचा: धार में औद्योगिक विकास के लिए एक मजबूत बुनियादी ढांचा मौजूद है। इसमें पीथमपुर जैसा भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) शामिल है, जो बड़े विनिर्माण इकाइयों की मेजबानी करता है।
  4. कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स: हवाई कनेक्टिविटी और कार्गो सेवाओं तक निकटता ने भी धार को एक आकर्षक औद्योगिक केंद्र बना दिया है।

पीएम मित्र पार्क का प्रभाव:
सरकार की PM MITRA (Mega Integrated Textile Region and Apparel) योजना के तहत धार में एक पार्क स्थापित किया जा रहा है। यह पार्क न केवल वस्त्र उद्योग को और बढ़ावा देगा बल्कि ₹10,000 करोड़ से अधिक का निवेश भी आकर्षित करेगा, जिससे 50,000 से अधिक प्रत्यक्ष और 1.5 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इस परियोजना से धार के निर्यात को और भी गति मिलने की संभावना है।

निर्यात के आंकड़े:
वित्तीय वर्ष 2024-25 में, धार ने मध्य प्रदेश के कुल निर्यात में 26.93% की हिस्सेदारी के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि इंदौर 20.39% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रहा। धार का कुल निर्यात ₹17,830 करोड़ था, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 61.73% की वृद्धि दर्शाता है।