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by-Ravindra Sikarwar

न्यू यॉर्क: संयुक्त राष्ट्र (UN) ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि 2024 में युद्धग्रस्त क्षेत्रों में बच्चों के खिलाफ हिंसा अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुँच गई है। यह रिपोर्ट संघर्षों से प्रभावित बच्चों की भयावह स्थिति को उजागर करती है और विश्व समुदाय से इस बढ़ती मानवीय त्रासदी पर तत्काल ध्यान देने का आह्वान करती है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की वार्षिक रिपोर्ट, जो बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर केंद्रित है, ने 2024 में बच्चों के खिलाफ गंभीर उल्लंघनों की संख्या में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की है। इन उल्लंघनों में शामिल हैं:

  • हत्या और अपंग करना: संघर्षरत क्षेत्रों में बच्चों की हत्या और उन्हें स्थायी रूप से अपंग बनाने की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है।
  • भर्ती और उपयोग: बच्चों को सशस्त्र समूहों और सेनाओं में जबरन भर्ती किया जा रहा है और उन्हें युद्ध में उपयोग किया जा रहा है, जिससे उनका बचपन और भविष्य दोनों छीन लिए जा रहे हैं।
  • यौन हिंसा: बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा के मामलों में भी वृद्धि देखी गई है, जो उनके शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर गहरा आघात पहुँचाती है।
  • अपहरण: बच्चों का अपहरण किया जा रहा है, जिससे उनके परिवारों को असहनीय पीड़ा हो रही है।
  • मानवीय सहायता से इनकार: संघर्षरत क्षेत्रों में बच्चों तक मानवीय सहायता पहुँचने में बाधाएँ उत्पन्न की जा रही हैं, जिससे उनकी बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं।
  • स्कूलों और अस्पतालों पर हमले: शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ बाधित हो रही हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि ये उल्लंघन विशेष रूप से उन क्षेत्रों में बढ़े हैं जहाँ तीव्र और लंबे समय से संघर्ष चल रहे हैं, जैसे कि गाजा, सूडान, यूक्रेन, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC), और म्यांमार। इन क्षेत्रों में बच्चों को युद्ध की सबसे बुरी मार झेलनी पड़ रही है।

संयुक्त राष्ट्र ने सदस्य देशों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है। रिपोर्ट में संघर्षों के सभी पक्षों से बच्चों को लक्षित करने से रोकने, उन्हें सशस्त्र समूहों में भर्ती न करने और उन तक मानवीय सहायता पहुँच सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है।

यह रिपोर्ट विश्व समुदाय के लिए एक वेक-अप कॉल है। बच्चों के खिलाफ हिंसा का यह बढ़ता स्तर दर्शाता है कि हमें संघर्षों को सुलझाने और शांति स्थापित करने के लिए और अधिक प्रभावी ढंग से काम करने की आवश्यकता है, ताकि दुनिया के सबसे कमजोर लोगों – बच्चों – को सुरक्षित भविष्य मिल सके।

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