Mandsaur Fake Milk ManufacturingMandsaur Fake Milk Manufacturing
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Mandsaur Fake Milk Manufacturing:मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से खाद्य सुरक्षा और मानव स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के शामगढ़ थाना क्षेत्र के डूंगरखेड़ी गांव में दो सगे भाई अपने घर के भीतर ही नकली दूध की अवैध फैक्ट्री संचालित कर रहे थे। पुलिस की अचानक हुई कार्रवाई से पहले ही दोनों आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गए।

क्या है पूरा मामला?

Mandsaur Fake Milk Manufacturing:पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, डूंगरखेड़ी गांव में आबादी से कुछ दूरी पर बने एक मकान में कृष्णपाल सिंह और शिवराज सिंह नामक दो भाई मिलकर बड़े पैमाने पर नकली दूध तैयार कर रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर शामगढ़ थाना पुलिस ने जब इस ठिकाने पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 10 लीटर संदिग्ध नकली दूध के साथ-साथ खतरनाक यूरिया खाद, पाम ऑयल, वनस्पति तेल, मिल्क पाउडर और दूध बनाने में इस्तेमाल होने वाले तमाम उपकरण व मशीनें बरामद कीं। मौके से मिक्सर मशीन, कूलिंग उपकरण, पारस कंपनी के तेल के डिब्बे, 25-25 किलो के पाउडर से भरे 7 बोरे और वनस्पति तेल से भरी केन जब्त की गई हैं।

1 हजार लीटर बाजार में खपाया, त्योहारों पर थी बड़ी तैयारी

Mandsaur Fake Milk Manufacturing:पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी अब तक बाजार में 1,000 लीटर से ज्यादा नकली दूध खपा चुके थे। वे असली दूध में इस खतरनाक मिश्रण को मिलाकर स्थानीय बाजारों में बेचते थे।

आरोपियों के इरादे और भी खतरनाक थे; वे आगामी त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए इस अवैध कारोबार को बड़े पैमाने पर विस्तार देने की योजना बना रहे थे। त्योहारी सीजन के दौरान लगभग 10,000 लीटर नकली दूध तैयार कर उसे बाजार में बेचने की पूरी तैयारी चल रही थी।

खाद्य विभाग ने लिए नमूने, आरोपियों की तलाश जारी

Mandsaur Fake Milk Manufacturing:छापेमारी के बाद पुलिस ने तुरंत खाद्य विभाग को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम ने पंचनामा तैयार कर संदिग्ध दूध और अन्य सामग्री के नमूने (सेम्पल) जांच के लिए ले लिए हैं।

शामगढ़ थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय ने बताया कि पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में सामग्री जब्त की है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। हालांकि, दूध में यूरिया और अन्य रसायनों के इस्तेमाल की आधिकारिक पुष्टि खाद्य प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

ग्वालियर में सीमेंट से नकली जीरा बनाने का मामला भी आ चुका है सामने

Mandsaur Fake Milk Manufacturing:मध्य प्रदेश में मिलावटखोरों के हौसले कितने बुलंद हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे पहले ग्वालियर से भी एक बेहद खतरनाक मामला सामने आया था। वहां सौंफ पर सीमेंट और हानिकारक केमिकल का लेप लगाकर नकली जीरा तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने उस कार्रवाई के दौरान नकली जीरे से भरी 46 बोरियां जब्त की थीं।

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