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रिपोर्टर: मयंक गुप्‍ता

Gwalior : ग्वालियर जीआरपी (GRP) पुलिस ने ट्रेनों के एसी कोचों में यात्रियों के कीमती सामान और बैग पर हाथ साफ करने वाले एक बेहद शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को वीआईपी जैसा दिखाने के लिए महंगे और ब्रांडेड कपड़े पहनकर एसी कोच में सवार होता था और मौका पाते ही यात्रियों का कीमती सामान लेकर चंपत हो जाता था। पुलिस ने चेकिंग के दौरान आरोपी को धर दबोचा और उसकी निशानदेही पर किराए के मकान से 34 चोरी के बैग, 1 लैपटॉप और 4 मोबाइल समेत कुल 8.26 लाख रुपये का माल बरामद किया है।

महंगे कपड़ों में VIP बनकर ट्रेनों के सेकंड और थर्ड AC कोच को बनाता था निशाना

Gwalior पकड़े गए आरोपी की पहचान ग्वालियर के थाटीपुर स्थित गौतम नगर निवासी दीपक मौर्य के रूप में हुई है। पूछताछ में जीआरपी ने बताया कि आरोपी बीते 4 से 6 महीनों से लगातार इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था। वह मुख्य रूप से लंबी दूरी की ट्रेनों के सेकंड और थर्ड एसी कोचों को अपना निशाना बनाता था। ट्रेन रुकते ही वह एकदम सूट-बूट में कोच में चढ़ता था ताकि उस पर किसी को संदेह न हो। जैसे ही यात्री सो रहे होते या उनकी नजरें हटतीं, वह उनका बैग उठाकर अगले ही स्टेशन पर उतर जाता था।

फाइनेंस कंपनी की नौकरी छूटने के बाद शुरू की चोरी, जीटी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में की वारदातें

Gwalior पुलिस पड़ताल में सामने आया कि आरोपी दीपक मौर्य पहले एक नामी फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता था। आर्थिक नुकसान और तंगी के कारण उसने अपराध का रास्ता चुना। पहली बार जब उसने ट्रेन से एक यात्री का बैग चुराया, तो उसमें भारी नकदी और कीमती सामान मिला। इसके बाद उसका हौसला बढ़ गया और उसने इसे ही कमाई का जरिया बना लिया। उसने हाल ही में जीटी एक्सप्रेस से एक यात्री का सामान उड़ाया था, जिसकी रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जीआरपी पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।

चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी, जब्त सामान के असली मालिकों की तलाश जारी

Gwalior ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध अवस्था में घूमते समय जीआरपी की विशेष टीम ने उसे रोककर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर उसके किराए के मकान से बरामद 34 बैगों, लैपटॉप और मोबाइलों की कुल कीमत करीब 8 लाख 26 हजार 400 रुपये आंकी गई है। फिलहाल जीआरपी पुलिस आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है और बरामद बैगों को उनके असली मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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