रिपोर्टर: अरविन्द सिंह
MP Job Update : मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने अपने पौने तीन साल के कार्यकाल के दौरान राज्य के विभिन्न विभागों में 1,24,000 (1.24 लाख) से अधिक नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इसके अलावा, अन्य राज्यों में जारी निजीकरण के गतिरोधों से अलग हटते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक संरचना को मजबूत करने का फैसला लिया है। इसी रणनीति के तहत प्रदेश में 14 नए बोर्ड, अथॉरिटी और कंपनियों के गठन की प्रक्रिया को धरातल पर उतारा गया है।
14 नई कंपनियों, बोर्ड और अथॉरिटीज का हुआ गठन
MP Job Update राज्य सरकार ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई नए निकायों की स्थापना की है:
- मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी: भोपाल और इंदौर-उज्जैन रीजन के समन्वित विकास के लिए ‘मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बनाई जा रही है।
- इकोनॉमिक कॉरिडोर: जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी को हाल ही में स्वीकृति दी गई है।
- परिवहन सेवाएं: ‘एमपी यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ और संभागीय परिवहन कंपनियों के जरिए बंद पड़ी लोक परिवहन सेवा को नए सिरे से शुरू किया गया है।
- अन्य निकाय: नर्मदा संरक्षण के लिए ‘नमन मिशन’, स्वतंत्र पुलिस भर्ती के लिए ‘एमपी पुलिस भर्ती बोर्ड’ और सीमाओं के सही निर्धारण के लिए ‘प्रशासिनक इकाई पुनर्गठन आयोग’ का गठन शामिल है।
इन प्रमुख विभागों में स्वीकृत हुए सबसे ज्यादा नए पद
MP Job Update कैबिनेट से मंजूर किए गए 1.24 लाख पदों में अधिकांश नियमित पद हैं, जबकि कुछ पद संविदा और आउटसोर्स श्रेणी के भी हैं। प्रमुख विभागों का ब्योरा इस प्रकार है:
| विभाग का नाम | स्वीकृत नए पदों की संख्या |
| ऊर्जा विभाग | 52,000 |
| लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा | 47,000 |
| महिला एवं बाल विकास | 13,200 |
| गृह विभाग | 9,662 |
| परिवहन विभाग | 1,800 |
| 3 नए जिले (प्रशासनिक पद) | 1,240 |
विशेषज्ञ की राय: जमीनी स्तर पर विकेंद्रीकरण और आत्मनिर्भरता जरूरी
MP Job Update विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में पदों का सृजन और नए बोर्ड का गठन एक बेहद सकारात्मक कदम है। हालांकि, पूर्व मुख्य सचिव शरदचंद्र बेहार का कहना है कि राज्य को सही मायनों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर परिवार को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना होगा। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसरों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर दूरगामी और विकेंद्रीकृत योजनाओं पर तेजी से काम करने की आवश्यकता है।

