28 Years Later Murder Arrest:जुर्म चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के लंबे हाथ अपराधियों तक पहुंच ही जाते हैं। महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक शख्स ने साल 1998 में अपने ही रिश्तेदार की हत्या कर दी थी और वारदात को ट्रेन दुर्घटना दिखाने की शातिराना साजिश रची थी। जीआरपी (GRP) ने करीब 28 साल बाद इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
28 Years Later Murder Arrest:यह खौफनाक वारदात 14 जनवरी 1998 को हुई थी। डोंबिवली रेलवे पुलिस को स्टेशन मास्टर की ओर से सूचना मिली थी कि डोंबिवली और कोपर रेलवे स्टेशनों के बीच पटरियों पर एक शव मिला है। शुरुआती जांच में ही पुलिस को शक हुआ क्योंकि मृतक के शरीर पर मिले जख्म और उसकी स्थिति से यह साफ लग रहा था कि यह कोई ट्रेन हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या है।
मृतक की पहचान 22 वर्षीय शैलेश मोरे के रूप में हुई। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि हत्या की मुख्य वजह पारिवारिक रंजिश थी। आरोपी की बहन को शैलेश मोरे ने तलाक दे दिया था, जिससे आरोपी बुरी तरह खफा था। घटना वाले दिन सभी ने साथ बैठकर शराब पी थी, जिसके बाद हुए विवाद में आरोपियों ने शैलेश का गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। गुनाह छिपाने के लिए उन्होंने शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था ताकि मामला रेल दुर्घटना लगे।
तीन दशकों तक चकमा देता रहा आरोपी
28 Years Later Murder Arrest:वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में पहले ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी, लेकिन मुख्य आरोपी संदीप कृष्णन (अब उम्र 55 वर्ष) पुलिस की पकड़ से दूर रहा और पिछले लगभग तीन दशकों से अपनी पहचान बदलकर सामान्य जिंदगी जी रहा था।
ऐसे बिछाया गया तकनीकी जाल
28 Years Later Murder Arrest:लंबे समय से अनसुलझे मामलों (Cold Cases) और फरार अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सीनियर पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक स्पेशल टीम का गठन किया गया था। जीआरपी की इस विशेष टीम ने आधुनिक तकनीकी सर्विलांस (Modern Technical Surveillance) और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) तथा मोबाइल टावर लोकेशन के डेटा का बारीकी से विश्लेषण किया।
तकनीकी मदद से पुलिस को आरोपी संदीप कृष्णन के बिहार में छिपे होने का सुराग मिला। इसके बाद फौरन एक स्पेशल टीम बिहार रवाना की गई और 18 अक्टूबर को उसे धर दबोचा गया।
कोर्ट से मिली पुलिस रिमांड
28 Years Later Murder Arrest:बिहार की स्थानीय अदालत से ट्रांजिट वारंट मिलने के बाद पुलिस आरोपी को लेकर डोंबिवली पहुंची। यहां कोर्ट ने उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इस हत्याकांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है ताकि इस पुराने मामले की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ा जा सके।

