रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Gwalior : मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित जयारोग्य अस्पताल (JAH) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। शीतला माता मंदिर हादसे के घायलों का इलाज चल ही रहा था कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ट्रॉमा सेंटर से रवाना होते ही गजरा राजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) के डीन डॉ. आर.के. धाकड़ पर एक सिरफिरे व्यक्ति ने हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी एडवोकेट मनोज शर्मा को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
सीएम मोहन यादव के रवाना होते ही ट्रॉमा सेंटर में वारदात
Gwalior शीतला माता मंदिर हादसे के पीड़ितों का हालचाल जानने और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों की पूरी टीम घायलों की देखभाल और इलाज में पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई थी। हालांकि, जैसे ही मुख्यमंत्री का काफ़िला ट्रॉमा सेंटर से बाहर निकला, वैसे ही भीड़ के बीच से आए एक व्यक्ति ने डीन डॉ. आर.के. धाकड़ पर हमला कर दिया। डीन ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि वह हमलावर को व्यक्तिगत रूप से नहीं पहचानते थे और अचानक हुए इस हमले से हर कोई स्तब्ध रह गया।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड और पुलिस जांच
Gwalior डॉ. आर.के. धाकड़ ने बताया कि पुलिस जांच के बाद ही हमले के असली कारणों और मंशा का पता चल पाएगा। सूत्रों और शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी एडवोकेट मनोज शर्मा का पहले भी विवादित इतिहास रहा है और उस पर पूर्व में भी सरकारी अधिकारियों, पुलिसकर्मियों व एक एडीएम स्तर के अधिकारी पर हमला करने के आरोप लग चुके हैं। फिलहाल, कंपू थाना पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा सके।
सुरक्षा की चिंता के बावजूद जारी रहेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
Gwalior इस अप्रत्याशित हमले के बाद JAH के डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। घटना के तुरंत बाद डॉक्टरों के विरोध स्वरूप अस्पताल बंद करने तक की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि, डीन डॉ. धाकड़ ने संवेदनशीलता दिखाते हुए साफ किया कि इस घटना का असर मरीजों के इलाज पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती निर्दोष मरीजों और मंदिर हादसे के पीड़ितों का इलाज बिना किसी रुकावट के पूरी प्राथमिकता के साथ जारी रहेगा।
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