Fake Spice Factory:त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजार में मिलावटखोरों का काला कारोबार तेजी से फलने-फूलने लगता है। इसी बीच, बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रही एक नकली मसाला फैक्ट्री का प्रशासन ने भंडाफोड़ किया है। इस फैक्ट्री में मसालों के नाम पर खतरनाक चीजें तैयार की जा रही थीं।
छापेमारी के दौरान हुआ सनसनीखेज खुलासा
Fake Spice Factory:यह पूरा मामला समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत विरसिंहपुर गांव का है। प्रशासन को काफी समय से इस इलाके में अवैध और नकली गर्म मसाला तैयार किए जाने की गुप्त सूचना मिल रही थी।
सूचना के आधार पर सदर एसडीएम राकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस-प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने अचानक फैक्ट्री पर छापेमारी की। प्रशासनिक टीम को देखते ही वहां काम कर रहे कई लोग मौके से फरार हो गए, हालांकि पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
किन खतरनाक चीजों का हो रहा था इस्तेमाल?
Fake Spice Factory:छापेमारी के दौरान जांच टीम ने फैक्ट्री से जो सामग्री बरामद की, उसने सभी को हैरान कर दिया। मसालों को तैयार करने के लिए निम्नलिखित हानिकारक पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा था:
- घटिया सामग्री: भारी मात्रा में निम्न गुणवत्ता (लो क्वालिटी) वाला चावल और चावल का चूर्ण।
- लकड़ी और ईंट का बुरादा: मसालों का वजन और मात्रा बढ़ाने के लिए लकड़ी का बुरादा, धान की भूसी और ईंट का लाल बुरादा (सुर्खी)।
- हानिकारक रंग: मसालों को असली जैसा दिखाने के लिए संदिग्ध और प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल।
प्रशासनिक टीम ने फैक्ट्री से तैयार मसालों और बरामद सामग्रियों के नमूने (सैंपल) जब्त कर लिए हैं। इन सभी नमूनों को प्रयोगशाला (लैब) में जांच के लिए भेजा जा रहा है, ताकि यह पूरी तरह स्पष्ट हो सके कि इनमें कौन-कौन से रसायन और हानिकारक तत्व मिलाए जा रहे थे।
कुटाई मिल की आड़ में चल रहा था अवैध धंधा
Fake Spice Factory:प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि शुरुआत में इस जगह पर स्थानीय लोगों के खड़े मसाले कुटाई के लिए लाए जाते थे। लेकिन धीरे-धीरे इस वैध काम की आड़ में बड़े पैमाने पर नकली गर्म मसाला बनाने का अवैध कारोबार शुरू कर दिया गया।
फिलहाल, जांच एजेंसियां इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि यह अवैध फैक्ट्री पिछले कितने समय से संचालित हो रही थी, इसका असली मालिक कौन है और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके अलावा, फैक्ट्री के संचालन के लिए किसी तरह के वैध लाइसेंस या अनुमति ली गई थी या नहीं, इन सभी बिंदुओं पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है।
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