रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर
Supaul : बिहार के सुपौल जिले में नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके कथित शोषण पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर जिले के कई थाना क्षेत्रों में ऑर्केस्ट्रा संचालकों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। इस विशेष कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 10 नाबालिग बालिकाओं को मुक्त कराया और इस अवैध धंधे में संलिप्त 16 लोगों को हिरासत में लिया। इस मामले में महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विशेष टीम का गठन और विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी
Supaul पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस उपाधीक्षक गौरव गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में मानव तस्करी निरोधक इकाई (AHTU), विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) और महिला थाने की पुलिस को शामिल किया गया। योजनाबद्ध तरीके से जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में स्थित ऑर्केस्ट्रा संचालकों के अड्डों पर छापेमारी की गई, जहां नाबालिग बच्चियों से काम लिए जाने की आशंका थी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
महिला थाने में केस दर्ज और बालिकाओं की पृष्ठभूमि की जांच
Supaul कार्रवाई के बाद महिला थाने में सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब मुक्त कराई गई सभी नाबालिग बालिकाओं की पारिवारिक पृष्ठभूमि का सत्यापन करवा रही है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन बच्चियों को किन परिस्थितियों और माध्यमों से इन ठिकानों तक लाया गया था। इसके साथ ही, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुपौल, छपरा और सिवान जिलों के लोग शामिल हैं, जिनमें 7 पुरुष और 9 महिलाएं बताई जा रही हैं।
बाल संरक्षण के लिए आगे भी जारी रहेगा ऐसा अभियान
Supaul सुपौल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बालिकाओं के संरक्षण और उनके संभावित शोषण को रोकने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी लगातार चलाए जाएंगे। हिरासत में लिए गए सभी 16 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस अवैध नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं, ताकि इस तरह के मामलों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।

