Bageshwar Dham Hindu Ekta Rath Yatra:बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा निकाली गई ‘हिंदू एकता रथ यात्रा’ ने बुंदेलखंड क्षेत्र में एक बड़ा सामाजिक संदेश दिया है। इस यात्रा के दौरान क्षेत्र के कई गांवों ने नशामुक्ति का दृढ़ संकल्प लिया है। पांच प्रमुख जिलों से गुजरी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समानता, हिंदू एकता को मजबूत करना और युवाओं को नशे की बुरी आदतों से दूर रखना था।
यात्रा का मुख्य उद्देश्य: नशामुक्ति और सामाजिक सुधार
Bageshwar Dham Hindu Ekta Rath Yatra:11 से 15 अक्टूबर तक निकाली गई इस यात्रा के दौरान नशामुक्ति का मुद्दा सबसे प्रमुख बनकर उभरा। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का मानना है कि नशा बुंदेलखंड की सबसे बड़ी सामाजिक समस्याओं में से एक है। यात्रा के माध्यम से युवाओं को शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा अच्छे संस्कार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
यात्रा के परिणामों पर बात करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने साझा किया,
“हमारी यात्रा बहुत अद्भुत रही और कई गांवों ने नशामुक्ति का संकल्प लिया, जो कि बुंदेलखंड की एक प्रमुख परेशानी है।”
उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि लोगों ने बड़ी संख्या में इस अभियान से जुड़कर सकारात्मक सामाजिक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाया है।
500 किलोमीटर का सफर और पांच जिलों में जनसैलाब
Bageshwar Dham Hindu Ekta Rath Yatra:यह यात्रा लगभग 500 किलोमीटर के मार्ग को कवर करते हुए पांच प्रमुख जिलों—पन्ना, हटा, दमोह, सागर और टीकमगढ़ से गुजरी। मार्ग के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं का भारी उत्साह देखने को मिला। बाबा बागेश्वर के अनुसार, लोग अपने घरों से निकलकर 10 से 15 किलोमीटर तक सड़क पर उनका स्वागत करने और संवाद करने के लिए मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं के समर्पण को लेकर उन्होंने कहा,
“हजारों लोग आठ-आठ, नौ-नौ घंटे तक सड़कों पर डटे रहे। यह लोगों की अगाध भक्ति और श्रद्धा थी।”
उन्होंने इस यात्रा को विचारों की एक ऐसी क्रांति बताया, जो समाज में सुधार लाकर देश परिवर्तन की राह तैयार करती है।
छुआछूत और भेदभाव मिटाने का आह्वान
Bageshwar Dham Hindu Ekta Rath Yatra:केवल नशामुक्ति ही नहीं, बल्कि इस यात्रा ने सामाजिक समरसता पर भी विशेष जोर दिया। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यात्रा के दौरान लोगों से अपील करते हुए कहा:
“छुआछूत, भेदभाव की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में आपसी भेदभाव को मिटाकर भाईचारे और एकजुटता की भावना को बढ़ावा देना था।
जेसीबी और हार्वेस्टर से हुआ अनोखा स्वागत
Bageshwar Dham Hindu Ekta Rath Yatra:यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने अनूठे तरीके से स्वागत किया। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि पांचों जिलों में लोगों ने क्रेन, हार्वेस्टर और जेसीबी जैसी भारी मशीनों का उपयोग करके पुष्पवर्षा की। सड़कों पर घंटों तक खड़े होकर इस यात्रा का इंतजार करना और भारी जनसमूह की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
धर्म परिवर्तन और आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत
Bageshwar Dham Hindu Ekta Rath Yatra:यात्रा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्म परिवर्तन और आरक्षण से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले की भी सराहना की। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को अद्भुत बताते हुए कहा कि धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्तियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धर्मांतरण कराने वाली ताकतों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और देश को इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करना चाहिए।

