Nagastra-1R Drone DeliveryNagastra-1R Drone Delivery
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Nagastra-1R Drone Delivery:भारतीय सेना को स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में बड़ी मजबूती मिली है। Solar Defence and Aerospace Limited (SDAL) ने सेना को नागास्त्र-1R (Nagastra-1R) के 450 लोइटरिंग म्यूनिशन ड्रोन की आपूर्ति पूरी कर दी है। कंपनी के अनुसार, यह भारतीय सेना को एक साथ दी गई इस तरह के ड्रोन की अब तक की सबसे बड़ी खेप है। इन ड्रोन्स की खरीद इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया के तहत की गई थी।

एक साथ 450 ड्रोन की डिलीवरी, रक्षा क्षेत्र में अहम उपलब्धि

Nagastra-1R Drone Delivery:सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड की ओर से नागास्त्र-1R की 450 यूनिट सेना को सौंपना स्वदेशी रक्षा उत्पादन के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह प्रणाली सेना की परिचालन जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।

लोइटरिंग म्यूनिशन ऐसे मानवरहित सिस्टम होते हैं, जो निर्धारित क्षेत्र में उड़ान भरकर लक्ष्य की पहचान और निगरानी कर सकते हैं। उपयुक्त स्थिति मिलने पर इन्हें लक्ष्य पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी वजह से इन्हें आधुनिक युद्धक्षेत्र में उपयोगी तकनीक माना जाता है।

क्या है नागास्त्र-1R की खासियत?

Nagastra-1R Drone Delivery:नागास्त्र-1R को कम दूरी के सैन्य अभियानों के लिए तैयार किया गया है। कंपनी के मुताबिक, यह कामिकाजे या आत्मघाती ड्रोन की श्रेणी में आता है, जिसमें ड्रोन लक्ष्य पर हमला करने के लिए इस्तेमाल होता है।

इस प्रणाली की एक प्रमुख विशेषता मिशन को बीच में रोकने और ड्रोन को सुरक्षित वापस लाने का विकल्प है। इससे कुछ परिस्थितियों में ऑपरेशन को रद्द करने और उपकरण को दोबारा हासिल करने की सुविधा मिल सकती है।

कंपनी का कहना है कि सिस्टम की क्षमताओं का आकलन लाइव ट्रायल के दौरान किया गया, जहां लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाने की क्षमता को परखा गया।

तकनीकी परीक्षण में SDAL ने हासिल की सफलता

Nagastra-1R Drone Delivery:कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मार्च 2025 में महाराष्ट्र के मकलोह स्थित SFTS में नागास्त्र-1R से संबंधित तकनीकी परीक्षण आयोजित किए गए थे। इन परीक्षणों में चार कंपनियों ने हिस्सा लिया था।

SDAL के मुताबिक, परीक्षण में उसकी प्रणाली निर्धारित परिचालन मानकों पर खरी उतरी। इसके बाद भारतीय सेना ने इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट के तहत नागास्त्र-1R की आपूर्ति का ऑर्डर दिया।

कम लागत में सटीक हमले पर जोर

Nagastra-1R Drone Delivery:आधुनिक युद्ध में ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन का इस्तेमाल लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है। इन प्रणालियों के जरिए कुछ अभियानों में पारंपरिक हथियारों की तुलना में कम लागत पर लक्ष्य को निशाना बनाने का विकल्प मिल सकता है।

नागास्त्र-1R को भी इसी तरह की क्षमता वाले स्वदेशी सिस्टम के रूप में पेश किया जा रहा है। हालांकि, इसकी वास्तविक परिचालन प्रभावशीलता मिशन की परिस्थितियों, लक्ष्य और तैनाती की जरूरतों पर निर्भर करेगी।

स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मिल सकता है बढ़ावा

Nagastra-1R Drone Delivery:450 नागास्त्र-1R ड्रोन की आपूर्ति भारतीय रक्षा क्षेत्र में घरेलू कंपनियों की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। SDAL के अनुसार, कंपनी अब अपनी लोइटरिंग म्यूनिशन प्रणालियों की तैनाती बढ़ाने और भारतीय सशस्त्र बलों के साथ दीर्घकालिक सहयोग मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।

यह डिलीवरी भारतीय सेना की मानवरहित प्रणालियों से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। साथ ही, स्वदेशी रक्षा तकनीक के विकास और उत्पादन को आगे बढ़ाने के प्रयासों को भी इससे प्रोत्साहन मिल सकता है।

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