रिपोर्टर: अरविन्द सिंह
Bhopal : राजधानी भोपाल के पंचशील नगर स्थित शासकीय कन्या महाविद्यालय के छात्रावास में भोजन के भीतर इल्ली मिलने की गंभीर शिकायत सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह हरकत में आ गया है। इस घटना के संज्ञान में आने के तुरंत बाद रविवार, 11 अक्टूबर को विभाग की विशेष टीम ने हॉस्टल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान रसोईघर से विभिन्न खाद्य सामग्रियों के कुल सात नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए, जिन्हें प्रयोगशाला भेजा गया है ताकि भोजन की गुणवत्ता का सही आकलन किया जा सके।
रसोई की स्थिति और अन्य अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल
Bhopal खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान हालांकि रसोईघर में साफ-सुथरी स्थिति और पर्याप्त खाद्यान्न सामग्री मौजूद पाई गई, लेकिन छात्राओं ने भोजन के अलावा हॉस्टल की अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर भी कई शिकायतें दर्ज कराईं। छात्राओं ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें पीने के लिए साफ पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, कमरों में उचित साफ-सफाई नहीं होती है और हॉस्टल के कर्मचारियों व चौकीदारों का व्यवहार भी ठीक नहीं है। इन सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित प्रबंधन स्तर पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
वार्डन को निर्देश और कलेक्टर की अध्यक्षता में होगी उच्चस्तरीय बैठक
Bhopal मामले की गंभीरता को देखते हुए छात्रावास की वार्डन मनीषा चौधरी को खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, रसोई की नियमित स्वच्छता और भोजन की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, इस पूरी घटना और खाद्य सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए 12 अक्टूबर को जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की एक अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में आदिवासी कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य को भी उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर होगी अगली सख्त कार्रवाई
Bhopal खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से फूड सैंपल की जांच रिपोर्ट आते ही नियमों के तहत आगामी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, पेयजल, साफ-सफाई और हॉस्टल की अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी छात्राओं की शिकायतों का स्थायी समाधान निकालने के लिए संबंधित विभागों और छात्रावास प्रबंधन के बीच आपसी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। फिलहाल, लिए गए नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है जिससे भोजन की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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