रिपोर्टर: विकास सिंह
Ahmedabad : गुजरात के अहमदाबाद से एक बेहद दर्दनाक और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करने वाली घटना सामने आई है। नरोल-पिराना रोड पर एक 9 साल की मासूम बच्ची 20 फीट गहरे खुले नाले में गिर गई। यह दुखद हादसा शनिवार को उस वक्त हुआ जब बच्ची की मां ऑटो-रिक्शा से उतरकर चालक को किराया दे रही थी। बच्ची अपनी मां से कुछ ही दूरी पर पीछे चल रही थी और अचानक खुले पड़े नाले में जा गिरी। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की सूचना पर दमकल विभाग तथा पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य शुरू किया।
दमकल विभाग और एनडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन जारी
Ahmedabad घटना की जानकारी मिलते ही मणिनगर फायर स्टेशन की गाड़ियां और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। फायर स्टेशन अधिकारी प्रवीण सिंह सोलंकी ने बताया कि शाम लगभग 4 बजे घटना की सूचना मिली थी, जिसके तुरंत बाद टीमें तैनात कर दी गईं। नाले में पानी का बहाव तेज और गहराई अधिक होने के कारण तलाश में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टीमों ने आसपास के इलाकों के साथ-साथ मुख्य सीवर लाइनों और नजदीकी पंपिंग स्टेशन के रास्तों की भी सघन जांच की है, लेकिन कई घंटों की मशक्कत के बावजूद खबर लिखे जाने तक बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
सुरक्षा बलों और बीएसएफ की मदद से नाले में उतरेंगी टीमें
Ahmedabad तलाशी अभियान को और व्यापक तथा प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों और विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद लेने का फैसला किया है। बचाव अधिकारियों के अनुसार, पानी के बहाव और नाले के अंदरूनी हालात का जायजा लेने के बाद बीएसएफ के जवानों को नाले के भीतर उतारा जाएगा। यदि जलस्तर और बहाव नियंत्रण में रहा, तो सीवर के मैनहोल ढक्कन खोलकर पंपिंग स्टेशन तक जाने वाली पूरी सुरंग की बारीकी से जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जब तक बच्ची को ढूंढ नहीं लिया जाता, तब तक रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा।
खुले नालों और मैनहोल को लेकर उठे गंभीर सवाल
Ahmedabad इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर शहर में नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है। व्यस्त नरोल-पिराना रोड पर इतना गहरा नाला बिना किसी सुरक्षा घेरे या ढक्कन के खुला पड़ा था, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। स्थानीय नागरिकों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है और मांग की है कि शहर भर में खुले पड़े सभी मैनहोल और नालों को तुरंत बंद किया जाए तथा इस लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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