रिपोर्टर: अजय सिंह
Shivpuri : मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र स्थित सड़खड़पुर गांव में देशभक्ति और शोकाकुल माहौल के बीच आर्मी हवलदार राजेश यादव का सोमवार को राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बेंगलुरु आर्मी बेस में ड्यूटी पर जाते वक्त शनिवार तड़के बिजली का टूटा हुआ तार उनकी अकाल मृत्यु का कारण बना। जब शहीद जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। तिरंगे के साथ लगभग 10 किलोमीटर लंबी अंतिम यात्रा निकालकर क्षेत्रवासियों ने अपने बहादुर बेटे को नम आंखों से भावभीनी विदाई दी।
दिल्ली और ग्वालियर के रास्ते गांव पहुंचा पार्थिव शरीर
Shivpuri शहीद राजेश यादव का देहांत होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को विशेष विमान से दिल्ली लाया गया, जहां से सैन्य एंबुलेंस के जरिए ग्वालियर आर्मी बेस पहुंचाया गया। ग्वालियर से सेना के विशेष वाहनों के काफिले के साथ पार्थिव देह मगरौनी लाई गई, जहां से सड़खड़पुर गांव तक भव्य अंतिम यात्रा निकाली गई। करीब 10 किलोमीटर लंबे मार्ग में हजारों की संख्या में ग्रामीण हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा थामे भारत माता के जयकारे लगाते रहे। देशभक्ति के गीतों और गगनभेदी नारों के बीच समूचा क्षेत्र गमगीन नजर आया।
सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, मासूम बेटे ने दी मुखाग्नि
Shivpuri गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों के अंतिम दर्शन के पश्चात अंतिम संस्कार की सैन्य प्रक्रिया पूरी की गई। भारतीय सेना के जवानों ने राइफलों की सलामी देकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया और शहादत के सम्मान में तिरंगा शहीद की पत्नी और परिजनों को सौंपा। इसके बाद पूर्ण राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, जिसमें शहीद के 7 वर्षीय मासूम बेटे आयुष यादव ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर वहां मौजूद सेना के जवानों, परिजनों और ग्रामीणों की आंखें छलक आईं।
बेंगलुरु में ड्यूटी के दौरान हुआ था हादसा, 2008 में हुए थे भर्ती
Shivpuri परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात बेंगलुरु में आई तेज आंधी के कारण आर्मी कैंप क्षेत्र में बिजली का हाईटेंशन तार टूटकर गिर गया था। शनिवार सुबह करीब 4 बजे जब हवलदार राजेश यादव अपनी ड्यूटी के लिए निकले, तो अंधेरे में इस तार की चपेट में आ गए। साथी सैनिक उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वर्ष 2008 में भारतीय सेना में शामिल हुए राजेश यादव ने देश सेवा के दौरान कश्मीर जैसी चुनौतीपूर्ण जगहों पर भी अपनी सेवाएं दी थीं। उनके पीछे पत्नी, 12 साल की बेटी और 7 साल का बेटा छोड़ गए हैं।

