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रिपोर्टर: प्रताप बघेल

Morena : मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की जौरा तहसील अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय भैसाई में मध्याह्न भोजन योजना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब दो महीनों से बच्चों को स्कूल में दोपहर का खाना नहीं दिया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें स्कूल के छोटे बच्चे स्वयं यह स्वीकार करते दिख रहे हैं कि लंबे समय से उन्हें भोजन नहीं मिला है और पूछने पर सामग्री न होने का हवाला दिया जाता है।

100 बच्चे नामांकित पर उपस्थिति केवल 20-25, रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा

Morena ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय में कुल 100 विद्यार्थी दर्ज हैं, लेकिन रोजाना केवल 20 से 25 बच्चे ही पढ़ाई करने पहुंचते हैं। आरोप है कि इसके बावजूद हाजिरी रजिस्टर में सभी बच्चों की 100 प्रतिशत उपस्थिति दिखाई जा रही है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब धरातल पर बच्चे कम आ रहे हैं और भोजन भी नहीं बन रहा, तो कागजों में फर्जी उपस्थिति दर्ज कर बजट की हेराफेरी किसके इशारे पर की जा रही है।

वीडियो वायरल होने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

Morena स्कूली बच्चों का यह वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर उंगलियां उठने लगी हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक स्तर पर स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। स्कूल में असल में कितने दिनों से चूल्हा नहीं जला और उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज आंकड़े कितने सच हैं, यह विभाग द्वारा संबंधित रिकॉर्ड्स की बिंदुवार जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।

ग्रामीणों ने उठाई निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

Morena मामला तूल पकड़ने के बाद गांव के लोगों और अभिभावकों ने वरिष्ठ अधिकारियों से स्कूल का औचक निरीक्षण करने की अपील की है। उन्होंने मांग रखी है कि मिड-डे मील के राशन, बजट वितरण और उपस्थिति रजिस्टर की सूक्ष्म जांच की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के हक का निवाला छीनने वाले और फर्जीवाड़ा करने वाले जिम्मेदार शिक्षकों व कर्मचारियों पर नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

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