Faridabad Borewell Accident :हरियाणा के फरीदाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सीही गांव में 250 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिरने से 3 साल की एक मासूम बच्ची की मौत हो गई है। करीब 10 घंटे तक चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्ची को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
कैसे हुआ हादसा?
Faridabad Borewell Accident:यह दर्दनाक हादसा रविवार (27 सितंबर) शाम करीब 7 बजे हुआ। 3 साल की नेहा नामक बच्ची ट्रैक्टर पर खेलते समय अचानक फिसलकर खुले बोरवेल में जा गिरी। बच्ची के गिरते ही वहां मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर पहुँची और युद्ध स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया।
10 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
Faridabad Borewell Accident:राहत एवं बचाव टीमों ने अंधेरे के बीच बोरवेल के पास लाइटें लगाकर और कैमरे की मदद से बच्ची की स्थिति पर नजर रखी। रेस्क्यू के दौरान कुछ समय के लिए बच्ची के रोने की आवाज आने की बात भी सामने आई थी, जिससे परिजनों में उम्मीद जगी थी। लगातार 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार (28 सितंबर) तड़के करीब 4 बजे बच्ची को बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
Faridabad Borewell Accident:बोरवेल से बाहर निकाले जाने के समय बच्ची के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। परिजन उसे तुरंत एक नजदीकी निजी अस्पताल लेकर गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
15 साल पुराना और खुला था बोरवेल
Faridabad Borewell Accident:मृतक बच्ची के पिता रामदीन (जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के रहने वाले हैं और फरीदाबाद में मजदूरी करते हैं) ने बताया कि यह बोरवेल सीही गांव में नगर निगम की जमीन पर था और करीब 15 साल से बंद पड़ा था। कुछ दिन पहले ही इस बोरवेल का ढक्कन हट गया था, जिसकी लापरवाही के कारण यह बड़ा हादसा हो गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

