Nagpur-Mumbai Duronto Express stone pelting:भारतीय रेलवे की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नागपुर से मुंबई जा रही दुरंतो एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12290) पर असामाजिक तत्वों द्वारा पत्थरबाजी किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना में ट्रेन के कई कोचों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और एक यात्री को हल्की चोट भी आई है।
घटना का विवरण और समय
Nagpur-Mumbai Duronto Express stone pelting:यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना 25 सितंबर 2026 की रात लगभग 8:27 बजे बोरखेड़ी और सिंदी रेलवे स्टेशनों के बीच हुई। जब ट्रेन बोरखेड़ी स्टेशन से गुजर रही थी, तभी अचानक बाहर से फेंके गए पत्थरों ने ट्रेन के कोच A-1, B-2 और B-5 को अपनी चपेट में ले लिया। तेज आवाज के साथ खिड़कियों के कांच चकनाचूर हो गए, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
रेलवे और पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
Nagpur-Mumbai Duronto Express stone pelting:घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आया। ट्रेन को वर्धा स्टेशन पर रोककर लगभग आधे घंटे तक सुरक्षा जांच की गई। इसके बाद ट्रेन को सुरक्षित रूप से मुंबई के लिए रवाना कर दिया गया।
रात करीब 8:46 बजे आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के जवानों ने बोरखेड़ी-सिंधी सेक्शन के बीच किलोमीटर 803 से 796 तक गहन तलाशी अभियान चलाया। बोरखेड़ी और ब्राह्मणी गांवों के आसपास के इलाकों की भी छानबीन की गई और स्थानीय निवासियों तथा पुलिस पाटिल से पूछताछ की गई। हालांकि, शुरुआती जांच में कोई ठोस सबूत या संदिग्ध व्यक्ति हाथ नहीं लगा है।
26 सितंबर 2026 को तड़के 2:55 बजे इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत अपराध संख्या 325/2026 दर्ज कर ली गई है और पुलिस आगे की छानबीन कर रही है।
सख्त कदमों की आवश्यकता
Nagpur-Mumbai Duronto Express stone pelting:चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इस तरह की गैर-जिम्मेदार और खतरनाक हरकतें यात्रियों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। रेलवे सुरक्षा बलों को ऐसे संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके
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