रिपोर्टर: रंजन कुमार
Sheikhpura : बिहार के शेखपुरा जिला मुख्यालय में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने एकजुट होकर केंद्र सरकार तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन किया। राजद जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय से विशाल विरोध मार्च निकाला गया, जो शहर के प्रमुख चांदनी चौक पर जाकर एक जनसभा और प्रदर्शन में तब्दील हो गया। इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान शेखपुरा के पूर्व राजद विधायक विजय सम्राट ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और देश की वर्तमान चुनाव प्रणाली पर तीखे हमले करते हुए गंभीर आरोप लगाए।
वोट चोरी का आरोप और चुनाव प्रक्रिया रद्द करने की उठी मांग
Sheikhpura प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक विजय सम्राट ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार और वर्तमान सत्तासीन सरकार की मिलीभगत से वोटो की चोरी कर सरकार का गठन किया गया है। जनमत के साथ खिलवाड़ का दावा करते हुए राजद नेताओं ने मांग उठाई कि बिहार और पश्चिम बंगाल में संपन्न हुए हालिया चुनावों को अविलंब प्रभाव से रद्द किया जाए और पूरी तरह से पारदर्शी व्यवस्था के तहत नए सिरे से चुनाव कराए जाएं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग
Sheikhpura चांदनी चौक पर विरोध प्रदर्शन के दौरान राजद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग पर गहरी नाराजगी जताई। पूर्व विधायक ने सार्वजनिक मंच से यह मांग भी रखी कि जनादेश से छेड़छाड़ और चुनावी गड़बड़ियों में संलिप्तता के आरोप में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाकर तुरंत गिरफ्तार किया जाए और जेल भेजा जाए। नेताओं का कहना था कि देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए चुनाव आयोग की निष्पक्षता बहाल होना बेहद जरूरी है।
कार्यकर्ताओं का विशाल मार्च और प्रशासनिक चौकसी
Sheikhpura इस विरोध मार्च में जिला स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों से लेकर सैकड़ों की संख्या में राजद कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में पार्टी के झंडे और तख्तियां थीं, जिन पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। शहर के व्यस्ततम चांदनी चौक पर पुतला दहन और नारेबाजी के चलते कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस व प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नज़र आया। राजद नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि चुनाव प्रणाली में सुधार और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं की गई, तो यह आंदोलन राज्यव्यापी रूप लेगा।

