रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Dhamtari : जिले में लगातार सामने आ रहे प्रार्थना सभाओं और धर्म परिवर्तन के विवादों के बीच क्रिश्चियन फोरम ने एक बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से जिले के लगभग 40 चर्चों और मसीही आराधना स्थलों के बाहर विशेष प्रवेश सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। इनमें 117 वर्ष पुराना ऐतिहासिक मेनोनाइट संडेज चर्च भी शामिल है। इन बोर्डों पर स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि नियम के तहत चर्च भवन केवल मसीही समाज के लोगों के लिए प्रार्थना हेतु उपलब्ध है।
सुरक्षा कारणों और विवादों से बचाव के लिए उठाया कदम
Dhamtari क्रिश्चियन फोरम के अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में प्रार्थना सभाओं के दौरान बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश से विवाद उत्पन्न होने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्रशासनिक फैसला लिया गया है। फोरम के महासचिव डॉ. डायमंड फिलिप्स ने जानकारी दी कि इन बोर्डों का मुख्य उद्देश्य अराजक व असामाजिक तत्वों को परिसर में प्रवेश करने से रोकना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईसाई समुदाय द्वारा किसी भी व्यक्ति पर धर्मांतरण या प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए कोई दबाव नहीं बनाया जाता।
अंतिम संस्कार पर विवाद और प्रशासन की शांति पहल
Dhamtari धमतरी जिले में केवल प्रार्थना सभा ही नहीं, बल्कि धर्मांतरित मसीही व्यक्तियों के अंतिम संस्कार को लेकर भी समय-समय पर स्थितियां तनावपूर्ण हुई हैं। कई मौकों पर शव के दफन की जगह को लेकर उत्पन्न विरोध के कारण परिजनों को 5 से 8 घंटे तक प्रशासनिक अनुमति और सामाजिक सहमति का इंतजार करना पड़ा है। बनरौद-कुरूद और मुजगहन जैसे क्षेत्रों में ऐसे मामले देखे गए हैं। लगातार बनते विवादित माहौल को शांत करने के लिए हाल ही में जिला प्रशासन ने शांति समिति की बैठक आयोजित की थी।
धर्मांतरण आवेदनों के दावे पर प्रशासनिक स्थिति
Dhamtari क्रिश्चियन फोरम के महासचिव ने दावा किया है कि पिछले डेढ़ वर्षों में करीब 300 लोगों ने स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन के लिए कलेक्ट्रेट में आधिकारिक आवेदन जमा किए हैं, जो वर्तमान में प्रक्रियाधीन हैं। इसके अलावा, एक माह के भीतर 1500 से अधिक लोगों द्वारा प्रार्थना सभाओं में शामिल होने का शपथ-पत्र दिए जाने का भी दावा किया गया है।
दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है। जिला पंचायत सीईओ जयंत नहाटा ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के बड़े पैमाने पर आए आवेदनों का परीक्षण कराया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं कलेक्ट्रेट अधीक्षक टीआर ध्रुव के अनुसार, प्रार्थना सभाओं से जुड़े आवेदनों का कोई पृथक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।

