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रिपोर्टर: रतन कुमार

Jamtara : झारखंड के प्रसिद्ध लोक पर्व करम के उपलक्ष्य में जामताड़ा जिले के बड़जोड़ा स्थित बिनोद बिहारी महतो चौक मैदान में ‘बिरसा बिनोद करम अखड़ा’ की ओर से भव्य करम महोत्सव का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक समागम में आसपास के 30 से अधिक गांवों के हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप और मधुर करम गीतों से संपूर्ण क्षेत्र उत्सव के वातावरण में सराबोर हो उठा।

21 करम अखड़ा टीमों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

Jamtara महोत्सव के दौरान कुल 21 करम अखड़ा टीमों ने अपनी लोक कला का प्रदर्शन किया। विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आईं इन सांस्कृतिक टीमों ने पारंपरिक करम नृत्य और गीतों की ऐसी प्रस्तुति दी कि उपस्थित जनसमूह झूमने पर मजबूर हो गया। बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सभी एक साथ नृत्य-गायन करते हुए सामाजिक एकजुटता, आपसी सद्भाव और भाईचारे का संदेश देते नजर आए।

प्रकृति संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयास

Jamtara आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि करम पर्व भाई-बहन के अटूट स्नेह, खुशहाली और प्रकृति की रक्षा से जुड़ा झारखंड का एक अत्यंत महत्वपूर्ण लोक पर्व है। इस प्रकार के भव्य सांस्कृतिक आयोजनों का मुख्य उद्देश्य राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक धरोहर को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ना है।

विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति

Jamtara समारोह में आदिवासी कुड़मी समाज के राष्ट्रीय प्रधान प्रवक्ता दीपक महतो केसरियार, JLKM जिलाध्यक्ष मनतोष कुमार महतो, संस्थापक मनोज कुमार महतो, अष्टम महतो, सनोज महतो, शशि भूषण महतो, बड़जोड़ा पंचायत की मुखिया खुशबू टुडू, पूर्व मुखिया गणेश किस्कू, देवनाथ मुर्मू, अरुण महतो, कंचन मांझी, मिहिर मंडल सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। विशाल जनसमूह और सांस्कृतिक मंडलियों की सक्रिय भागीदारी ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

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