Dara Singh Premature Release: ओडिशा में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की हत्या के मामले में उम्रकैैद की सजा काट रहे दारा सिंह को फिलहाल जेल से बाहर आने का रास्ता नहीं मिला है। ओडिशा के स्टेट सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने उसकी समयपूर्व रिहाई की मांग को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है।
बोर्ड का यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई से कुछ दिन पहले आया है। शीर्ष अदालत में दारा सिंह की याचिका पर 17 सितंबर को सुनवाई प्रस्तावित है। सिंह ने ओडिशा की वर्ष 2022 में लागू रिमिशन गाइडलाइंस के आधार पर समय से पहले रिहाई पर विचार करने की मांग की थी।
26 साल से अधिक समय से जेल में
Dara Singh Premature Release:करीब 67 वर्षीय दारा सिंह पिछले 26 वर्षों से अधिक समय से जेल में सजा काट रहा है। उसकी रिहाई के अनुरोध पर स्टेट सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने 31 अगस्त को हुई विशेष बैठक में विचार किया।
बैठक के दौरान प्रशासन की ओर से यह आशंका भी रखी गई कि उसकी रिहाई का सामाजिक स्तर पर प्रभाव पड़ सकता है और इससे सांप्रदायिक तनाव या कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियां पैदा होने की संभावना हो सकती है।
जेल के बाहर भीड़ का मुद्दा उठा
Dara Singh Premature Release:बोर्ड ने क्योंझर जिला प्रशासन की हालिया रिपोर्ट को भी अपने विचार में शामिल किया। रिपोर्ट के मुताबिक, 15 अगस्त को करीब 200 से 250 लोग क्योंझर जिला जेल के बाहर एकत्र हुए थे। प्रशासन ने इन लोगों को कथित तौर पर दारा सेना से जुड़ा बताया और आरोप लगाया कि वहां उत्तेजक नारे लगाए गए।
इन परिस्थितियों को देखते हुए बोर्ड ने समयपूर्व रिहाई की सिफारिश नहीं की।
पहले भी कई बार खारिज हो चुका है अनुरोध
Dara Singh Premature Release:दारा सिंह की समय से पहले रिहाई की मांग पहले भी कई मौकों पर स्वीकार नहीं की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2016, 2019, 2020, 2022 और 2023 में भी उसकी रिहाई से संबंधित अनुरोधों पर नकारात्मक निर्णय सामने आया था।
इन फैसलों में सामाजिक शांति और सांप्रदायिक सौहार्द से जुड़े पहलुओं पर भी विचार किया गया था।
17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
Dara Singh Premature Release:दारा सिंह ने वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसकी याचिका में ओडिशा सरकार को 2022 की रिमिशन नीति के तहत उसकी समयपूर्व रिहाई के अनुरोध पर विचार करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से इस संबंध में अपना रुख स्पष्ट करने को कहा था। अब स्टेट सेंटेंस रिव्यू बोर्ड द्वारा रिहाई की सिफारिश नहीं किए जाने के बाद 17 सितंबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के सामने राज्य का यह निर्णय भी महत्वपूर्ण रहेगा।
आगे दारा सिंह की रिहाई को लेकर क्या कानूनी स्थिति बनती है, इसका पता शीर्ष अदालत की सुनवाई के बाद चलेगा।

