KDA Corruption ActionKDA Corruption Action
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KDA Corruption Action;कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) में भ्रष्टाचार और विभागीय अनियमितताओं के मामलों में प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। अलग-अलग मामलों की जांच पूरी होने के बाद तीन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। इनमें एक कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त किया गया है, जबकि एक को निलंबित और दूसरे को पदावनत किया गया है।

KDA के उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक के निर्देश पर हुई इन कार्रवाइयों से प्राधिकरण में हड़कंप मचा हुआ है। जांच में संपत्तियों के दोबारा आवंटन, मुआवजे की राशि से जुड़े कथित रिश्वत प्रकरण और भूखंडों के रिकॉर्ड में अनियमितताओं जैसे मामले सामने आए हैं।

पूर्व PA रहे वरिष्ठ लिपिक कश्यप कांत दुबे निलंबित

KDA Corruption Action; के पूर्व निजी सहायक (PA) और वरिष्ठ लिपिक कश्यप कांत दुबे के खिलाफ विवादित संपत्ति के पुनः आवंटन से जुड़े मामले में कार्रवाई की गई है। जांच में कथित तौर पर उनकी भूमिका सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।

KDA Corruption Action;कश्यप कांत दुबे पहले KDA उपाध्यक्ष के निजी सहायक की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। विभागीय जांच के बाद हुई यह कार्रवाई प्राधिकरण में संपत्ति आवंटन से जुड़े मामलों में नियमों के पालन को लेकर सख्ती का संकेत मानी जा रही है।

12 लाख रुपये की रिश्वत के आरोप में अमीन का डिमोशन

KDA Corruption Action;दूसरी कार्रवाई KDA के अमीन संतोष कुमार के खिलाफ हुई है। वह पहले से ही भ्रष्टाचार के एक मामले में निलंबित चल रहे थे। उन पर मुआवजे की रकम दिलाने के बदले कथित तौर पर 12 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप था।

मामले में पहले निलंबन की कार्रवाई की गई थी। अब विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद उन्हें पदावनत कर दिया गया है। यानी मामले में उनके खिलाफ निलंबन के बाद अब डिमोशन की कार्रवाई भी की गई है।

मुखर्जी विहार के भूखंडों में अनियमितता, लिपिक बर्खास्त

KDA Corruption Action;तीसरी और सबसे बड़ी कार्रवाई लिपिक प्रदीप कुमार सविता पर हुई है। मुखर्जी विहार के कई भूखंडों से संबंधित मामलों में रिकॉर्ड और आवंटन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियां सामने आने के बाद विभागीय जांच की गई।

जांच पूरी होने के बाद प्राधिकरण ने प्रदीप कुमार सविता को सेवा से बर्खास्त कर दिया। इस कार्रवाई को KDA में भ्रष्टाचार और रिकॉर्ड संबंधी अनियमितताओं के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

भ्रष्टाचार पर KDA प्रशासन का सख्त संदेश

KDA Corruption Action;एक ही समय में तीन कर्मचारियों के खिलाफ अलग-अलग स्तर की कार्रवाई से KDA प्रशासन ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि भ्रष्टाचार, नियमों की अनदेखी और संपत्ति से जुड़े मामलों में अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय जांच के आधार पर निलंबन, पदावनति और बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई की गई है।

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