केरल के तिरुवनंतपुरम से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने धार्मिक और सामाजिक हलकों में बड़ी बहस छेड़ दी है। मार थोमा चर्च के पादरी रेव. डॉ. के. थॉमस ने एक सार्वजनिक मंच से सुझाव दिया है कि चर्च में विवाह बंधन में बंधने से पहले जोड़ों का एचआईवी (HIV) परीक्षण कराया जाना चाहिए। उनके इस बयान के सामने आने के बाद से सोशल मीडिया से लेकर ईसाई समुदाय के भीतर तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं और लगातार इसका विरोध हो रहा है।
स्कूल कार्यक्रम के दौरान दिया था बयान
जानकारी के अनुसार, पादरी ने यह विवादास्पद बयान 30 अगस्त को आयोजित एक स्कूल कार्यक्रम के दौरान दिया था। उनका तर्क था कि इस तरह की सावधानी से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिमों से बचा जा सकता है। हालांकि, उनके इस सुझाव को लेकर समाज में नाराजगी फैल गई है। आलोचकों का मानना है कि इस तरह के बयान व्यक्तिगत गोपनीयता और सामाजिक मर्यादा के खिलाफ हैं, जिसके चलते इस पर कड़ी आपत्ति जताई जा रही है।
