भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। नव-विकसित और हाल ही में लॉन्च किए गए ‘EOS-05’ सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग पर बात करते हुए ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने बताया कि यह उपग्रह देश के अंतरिक्ष इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
जियो-ऑर्बिट से रणनीतिक डेटा भेजने की क्षमता
ISRO प्रमुख ने स्पष्ट किया कि EOS-05 भू-स्थिर कक्षा (Geo-Orbit) से देश को उच्च गुणवत्ता वाला रणनीतिक (Strategic) डेटा उपलब्ध कराने वाला भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट बनने जा रहा है। इस सैटेलाइट के अंतरिक्ष में स्थापित होने से देश की निगरानी क्षमताओं और सामरिक सुरक्षा को एक नया आयाम मिलेगा, जिससे अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की आत्मनिर्भरता और अधिक मजबूत होगी।
