भोजपुर जिले में गंगा और सोन नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। जिला पदाधिकारी श्री मनेश कुमार मीणा के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित इलाकों में युद्ध स्तर पर राहत, सुरक्षा और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।
सामुदायिक रसोई के जरिए भोजन और दूध का वितरण
प्रभावित इलाकों के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कई स्थानों पर सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है। बड़हरा के बलुआ-पिपरपांती में चल रही रसोई के माध्यम से आज करीब 250 लोगों ने भोजन किया, साथ ही बच्चों को दोनों समय नियमित रूप से दूध उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा, आरा सदर की बरजा पंचायत में तीन अलग-अलग जगहों पर संचालित सामुदायिक रसोई के जरिए आज लगभग 200 लोगों को भोजन कराया गया।
सुरक्षित आवागमन के लिए 103 मुफ्त नावों का संचालन
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन द्वारा कुल 103 निःशुल्क नावों का परिचालन किया जा रहा है। इनमें आरा सदर में 12, कोइलवर में 4, शाहपुर में 44 और बड़हरा में 43 नावें शामिल हैं।
चिकित्सा और पशु स्वास्थ्य सेवाएं जारी
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए 6 मेडिकल बोट और 17 विशेष मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। विभिन्न कैंपों में मरीजों का सफल उपचार किया गया—जिसमें आरा सदर के 4 कैंपों में 200, बड़हरा के 6 कैंपों में 563, कोइलवर के 3 कैंपों में 226 और शाहपुर के 4 कैंपों में 1,320 लोग लाभान्वित हुए। इसके साथ ही जरूरी दवाओं के साथ 435 हेलोजन टैबलेट्स बांटी गईं। पशुओं की देखरेख के लिए बनाए गए 3 पशु चिकित्सा कैंपों में 626 पशुओं का इलाज कर आवश्यक दवाएं वितरित की गईं।
राहत सामग्री और निगरानी के पुख्ता इंतजाम
प्रशासन की ओर से अब तक कुल 1,500 पॉलीथिन शीट वितरित की जा चुकी हैं। बड़हरा के पिपरपांती में बाढ़ नियंत्रण विभाग (FCD) की टीम द्वारा कटाव रोकने और सुरक्षात्मक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में 24×7 ड्यूटी लगाई गई है, जिला नियंत्रण कक्ष को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है तथा शाहपुर और बड़हरा में एनडीआरएफ/एसडीआरएफ (SDRF) की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
जिला प्रशासन की आमजन से अपील
प्रशासन ने निचले, जलमग्न और संवेदनशील इलाकों के रहवासियों से अपील की है कि वे नदी और पानी से भरे इलाकों में जाने से बचें तथा अपने बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
अधिकारियों के अवकाश पर अगले आदेश तक रोक
लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर आपदा प्रबंधन कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला पदाधिकारी श्री मनेश कुमार मीणा ने प्रशासनिक महकमे में कड़े निर्देश जारी किए हैं।
आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के सभी प्रशासनिक, तकनीकी और पर्यवेक्षक स्तर के अधिकारियों के मुख्यालय में रहना अनिवार्य कर दिया गया है। इसी क्रम में 3 सितंबर 2026 से लेकर बाढ़ की स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक सभी संबंधित पदाधिकारियों के अवकाश (छुट्टियों) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में मुस्तैद रहकर पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया है।
