अयोध्या स्थित राम मंदिर को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी और विवादों के बीच मंदिर प्रशासन को लेकर एक बड़ा और रणनीतिक फैसला लिया गया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पराक्रमी और सम्मानित रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। जानकारों का मानना है कि मंदिर की गरिमा और प्रतिष्ठा को सुरक्षित रखने के लिहाज से यह बेहद समझदारी भरा कदम है।
राजनीतिक दलों की बोलती बंद करने वाला फैसला
पिछले कुछ समय से राम मंदिर विभिन्न राजनीतिक विवादों के घेरे में आ गया था, जिससे इसकी साख पर लगातार सवाल उठ रहे थे। ऐसे संवेदनशील माहौल में एक ‘डिकरेटेड एयर मार्शल’ (सम्मानित सैन्य अधिकारी) को इस पद की कमान सौंपना अपने आप में एक कड़ा संदेश है। रक्षा सेवाओं के प्रति आम जनता और राजनीतिक दलों के मन में मौजूद सम्मान के कारण अब किसी भी दल के लिए इस नियुक्ति पर तुच्छ राजनीति करने की हिम्मत जुटा पाना असंभव सा हो गया है।
इस नियुक्ति से न केवल मंदिर प्रबंधन में प्रशासनिक कसावट आएगी, बल्कि यह इस बात का भी प्रतीक है कि मंदिर की पवित्रता और व्यवस्था को राजनीति से कोसों दूर रखा जाएगा।
