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चित्रकूट। मंदाकिनी नदी का जलस्तर कुछ कम होने के बावजूद स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है। नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। चित्रकूट और मझगवां क्षेत्र के जंगलों में लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी में उफान बना हुआ है। नदी के आसपास बसे रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है और उन्हें लगातार बाढ़ का खतरा सता रहा है।

स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ सकता है और हालात एक बार फिर गंभीर हो सकते हैं। 29 अगस्त को आई बाढ़ ने चित्रकूट के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। अनुसुइया आश्रम से लेकर आरोग्यधाम, प्रमोदवन, भरत घाट, रामघाट, पुरानी लंका तिराहा, कर्वी सहित आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हुआ था।

बाढ़ की वजह से कई परिवारों के घरों में रखा घरेलू सामान पानी में बह गया। बड़ी संख्या में लोगों को प्रशासन की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रभावित परिवारों के सामने अब अपने घर और रोजमर्रा की जिंदगी को दोबारा व्यवस्थित करने की चुनौती है।

मुश्किल की इस घड़ी में प्रशासन और शासन के साथ सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठन भी राहत कार्यों में जुटे हैं। विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल, कपड़े और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है।

बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए बड़ी संख्या में लोग आगे आए हैं। राहत सामग्री जुटाने से लेकर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने तक कई स्तरों पर मदद की जा रही है। हालांकि मंदाकिनी का जलस्तर अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है और प्रशासन के साथ स्थानीय लोगों की नजर लगातार नदी के बढ़ते-घटते जलस्तर पर बनी हुई है।