रीवा। जनपद पंचायत त्योंथर की ग्राम पंचायत घुमा में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मामले की शिकायत लेकर युवक मयंक पांडेय ने रीवा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पंचायत में हुए कार्यों और सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब शिकायतकर्ता ने प्रशासन को 15 दिन की समयसीमा देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में निष्पक्ष जांच शुरू नहीं हुई तो वह मोबाइल टावर पर चढ़कर आमरण अनशन करेगा। इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर हलचल बढ़ गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की कथित मिलीभगत से विभिन्न विकास कार्यों में अनियमितताएं की गई हैं। मयंक पांडेय का दावा है कि सरकारी दस्तावेजों और रिकॉर्ड में जिन कार्यों को पूर्ण या कराया हुआ दर्शाया गया है, मौके पर उनकी स्थिति अलग दिखाई देती है। उनका कहना है कि पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों को अब भी कई बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन के जरिए शिकायतकर्ता ने संबंधित कार्यों की जमीनी स्तर पर जांच कराने, सरकारी राशि के उपयोग की पड़ताल करने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि प्रशासन ने शिकायत को स्वीकार कर संबंधित अधिकारियों तक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच कब शुरू होती है और आरोपों की पड़ताल में क्या तथ्य सामने आते हैं।
फिलहाल शिकायतकर्ता की 15 दिन की समयसीमा और टावर पर चढ़कर आमरण अनशन की चेतावनी ने मामले को सुर्खियों में ला दिया है। प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि समय रहते जांच कर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे।
