रिपोर्टर: रंजन कुमार
Sheikhpura : बिहार के शेखपुरा जिले में अपशिष्ट प्रबंधन को वैज्ञानिक, आधुनिक और प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिले को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से शेखपुरा के जिलाधिकारी शेखर आनंद ने ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन (Solid & Liquid Waste Management) को लेकर जिला प्रशासन की कटिबद्धता दोहराई है।
सुप्रीम कोर्ट के सख्त दिशा-निर्देशों और ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली का शत-प्रतिशत अनुपालन कराने के लिए जिले के सभी सरकारी कार्यालयों और नगरीय निकायों में कचरा निपटान की मजबूत व्यवस्था की जा रही है। इसी अभियान के तहत शेखपुरा प्रखंड कार्यालय परिसर में हाल ही में एक आधुनिक प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का विधिवत उद्घाटन किया गया है।
प्लास्टिक कचरे पर लगाम और रिसाइक्लिंग की दिशा में बड़ा कदम
Sheikhpura प्लास्टिक कचरा वर्तमान समय में पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सबसे गंभीर खतरा बना हुआ है, क्योंकि यह स्वाभाविक रूप से आसानी से नष्ट नहीं होता। इस चुनौती से निपटने के लिए जिला जल एवं स्वच्छता समिति, शेखपुरा द्वारा प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई की शुरुआत की गई है।
इस संयंत्र के जरिए जिले भर से एकत्र किए जाने वाले नॉन-बायोडिग्रेडेबल और प्लास्टिक कचरे को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस, रिसाइकिल और प्रबंधित किया जाएगा। इससे न केवल सड़कों और नालियों में जमा होने वाले प्लास्टिक कचरे से मुक्ति मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
हर प्रखंड और सरकारी दफ्तर में स्थापित होगी कचरा प्रबंधन इकाई
Sheikhpura जिला प्रशासन का लक्ष्य जिले के हर ब्लॉक और सरकारी दफ्तर के स्तर पर अपशिष्ट निपटान की स्वायत्त प्रणाली विकसित करना है। जिले के सभी विभागाध्यक्षों और नगर निकायों को कचरा प्रबंधन नियमावली का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी कार्यालयों में उत्पन्न होने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग (Source Segregation) एकत्र किया जाएगा। हर ब्लॉक स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर शेखपुरा को कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में एक मॉडल जिले के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी पर जिलाधिकारी का जोर
Sheikhpura उद्घाटन के दौरान जिलाधिकारी शेखर आनंद ने कहा कि शेखपुरा जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाना प्रशासनिक प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण से स्वच्छता संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सतत और पर्यावरण-अनुकूल कचरा प्रबंधन जरूरी है।
उन्होंने जिले के नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने घरों और कार्यस्थलों पर कचरा अलग-अलग रखने की आदत डालें और इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि शेखपुरा को पूरी तरह से कचरा-मुक्त बनाया जा सके।
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