Shravana Putrada EkadashiShravana Putrada Ekadashi
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By: Ravindra Singh

Shravana Putrada Ekadashi : श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस वर्ष यह पावन व्रत 23 अगस्त 2026, रविवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत संतान सुख, बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य, उज्ज्वल भविष्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से किया जाता है।

इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की श्रद्धापूर्वक पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि एकादशी के दिन भगवान श्रीहरि का स्मरण और विधिपूर्वक पूजन करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।

Shravana Putrada Ekadashi पुत्रदा एकादशी 2026 के शुभ योग और तिथि

23 अगस्त को एकादशी तिथि पूरे दिन और रात के बाद 24 अगस्त की सुबह 4 बजकर 19 मिनट तक रहने की जानकारी दी गई है। इस दिन शाम 5 बजकर 44 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। वहीं मूल नक्षत्र शाम 5 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।

इन शुभ संयोगों में भगवान विष्णु की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है।

Shravana Putrada Ekadashi पुत्रदा एकादशी पर घर में कैसे करें विष्णु पूजा?

1. सुबह स्नान करके पूजा स्थल तैयार करें

एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के पूजा स्थान की सफाई करें। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करने के लिए एक साफ चौकी तैयार करें।

2. चौकी पर रखें विष्णु-लक्ष्मी की प्रतिमा

चौकी पर पीले या लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और उसके ऊपर भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर धूप अर्पित करें।

3. व्रत का संकल्प लेकर पूजा शुरू करें

पूजा आरंभ करने से पहले हाथ में जल लेकर पुत्रदा एकादशी व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए पूजा शुरू करें। श्रीहरि को गंगाजल और पंचामृत अर्पित करें। इसके बाद पीला चंदन, रोली और अक्षत चढ़ाएं।

4. भगवान विष्णु को तुलसी दल चढ़ाएं

भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल का विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए पूजा के दौरान श्रीहरि को श्रद्धापूर्वक तुलसी अर्पित करें। इसके बाद भगवान को फूल और माला चढ़ाएं।

5. व्रत कथा और विष्णु मंत्र का पाठ करें

पूजन सामग्री अर्पित करने के बाद पुत्रदा एकादशी की व्रत कथा का पाठ करें। भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करने के साथ विष्णु चालीसा का पाठ भी किया जा सकता है। पूजा के दौरान संतान के स्वास्थ्य, सुख, सफलता और उज्ज्वल भविष्य की कामना करें।

6. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें

पूजा के अंत में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें। इसके बाद दोनों को प्रणाम करके अपनी मनोकामना रखें। पूजा में जाने-अनजाने हुई किसी भूल के लिए भगवान से क्षमा प्रार्थना करें।

Shravana Putrada Ekadashi पुत्रदा एकादशी पर रखें इन बातों का ध्यान

एकादशी व्रत के दौरान सात्विक आहार और संयम का पालन करने की धार्मिक परंपरा है। पूजा में श्रद्धा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार ही उपवास करें।

Shravana Putrada Ekadashi धार्मिक मान्यता के अनुसार पुत्रदा एकादशी का महत्व

धार्मिक मान्यताओं में पुत्रदा एकादशी को संतान से जुड़ी इच्छाओं की पूर्ति और परिवार की खुशहाली के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु की भक्ति, व्रत, कथा और पूजा के माध्यम से भक्त सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक आस्था, परंपराओं और लोक मान्यताओं पर आधारित है। इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।

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