Tata Group : देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित कारोबारी घरानों में से एक ‘टाटा ग्रुप’ में भावी नेतृत्व को लेकर कॉरपोरेट जगत में हलचल तेज हो गई है। टाटा सन्स के मौजूदा चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) का कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त हो रहा है और उन्होंने संकेत दिए हैं कि वे आगे इस पद पर सेवा विस्तार नहीं लेंगे।
चंद्रशेखरन के इस फैसले के बाद टाटा सन्स के मुख्यालय ‘बॉम्बे हाउस’ में नए उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो गई है। संभावित दावेदारों में टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टीवी नरेंद्रन (TV Narendran) का नाम सबसे प्रमुखता से सामने आ रहा है।
Tata Group कौन हैं टीवी नरेंद्रन और क्यों चर्चा में है उनका नाम?
टीवी नरेंद्रन टाटा समूह के उन वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं, जिनका इस औद्योगिक घराने के साथ लगभग चार दशक पुराना गहरा जुड़ाव रहा है।
- शिक्षा: NIT त्रिची से बी.टेक (इंजीनियरिंग) और IIM कलकत्ता से मैनेजमेंट की पढ़ाई।
- टाटा में करियर: वर्ष 1988 में टाटा स्टील से अपने करियर की शुरुआत की।
- अनुभव: सेल्स, मार्केटिंग, इंटरनेशनल बिजनेस और थाइलैंड सहित दक्षिण-पूर्व एशिया में टाटा स्टील के विस्तार में अहम भूमिका निभाई।
- नेतृत्व: वर्ष 2013 में उन्हें टाटा स्टील का मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया था।
नरेंद्रन के पास स्टील इंडस्ट्री के उतार-चढ़ाव, भारी कर्ज, वैश्विक अधिग्रहणों और यूरोप में कंपनी की परिचालन चुनौतियों से टाटा स्टील को सफलतापूर्वक उबारने का लंबा अनुभव है।
Tata Group चेयरमैन पद के लिए क्यों उपयुक्त माना जा रहा है उनका प्रोफाइल?
टाटा सन्स का चेयरमैन पद केवल एक कंपनी को चलाने तक सीमित नहीं है। समूह के पास आईटी (TCS), ऑटोमोबाइल (Tata Motors), एविएशन (Air India), रिटेल, पावर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं।
- समूह की संस्कृति की समझ: एन चंद्रशेखरन की तरह ही नरेंद्रन भी टाटा के अंदरूनी ढांचे (Insider) से आते हैं। उन्हें समूह की कॉर्पोरेट गवर्नेंस, मूल्यों और आंतरिक कार्यशैली की गहरी समझ है।
- अंतरराष्ट्रीय अनुभव: निर्माण (Manufacturing), श्रम संबंधों (Labor Relations) और वैश्विक नियामकीय (Regulatory) चुनौतियों को संभालने का उनके पास 35 से अधिक वर्षों का अनुभव है।
फैसला अभी बाकी: चयन प्रक्रिया और आने वाले चेयरमैन की चुनौतियाँ
यद्यपि टीवी नरेंद्रन का नाम चर्चाओं में सबसे आगे है, लेकिन टाटा सन्स ने आधिकारिक रूप से किसी नाम पर मुहर नहीं लगाई है। टाटा सन्स में दो-तिहाई से अधिक हिस्सेदारी रखने वाले ‘टाटा ट्रस्ट्स’ की नए चेयरमैन के चयन में निर्णायक भूमिका होगी।
भावी चेयरमैन के सामने होंगी ये बड़ी जिम्मेदारियाँ:
- एयर इंडिया का टर्नअराउंड सुनिश्चित करना।
- सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण जैसे नए और अत्याधुनिक क्षेत्रों में बड़े निवेश को संभालना।
- टाटा कैपिटल और टीसीएस की निरंतर वृद्धि एवं पूंजी आवंटन (Capital Allocation) को संतुलित करना।
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