पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में लगातार गहराते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में उपजे ताजा हालात को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में देश की ऊर्जा व्यवस्था, किसानों के लिए उर्वरक (खाद) की उपलब्धता, व्यापारिक निर्यात और समुद्री क्षेत्र में तैनात भारतीय नाविकों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर गहन मंथन किया गया। पीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वैश्विक परिस्थितियों का असर आम नागरिक और किसानों पर बिल्कुल नहीं पड़ना चाहिए।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, पेट्रोलियम मंत्रालय को दिए निर्देश
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में काम कर रहे प्रत्येक भारतीय नाविक की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है, फिर चाहे वे देशी पोत पर हों या विदेशी जहाजों पर। संकट की स्थिति में उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, होर्मुज मार्ग बाधित होने से कच्चे तेल और एलपीजी आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभाव से निपटने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय की तैयारियों की जांच की गई। पीएम मोदी ने देश भर में पीएनजी (PNG) नेटवर्क के विस्तार को और तेज करने पर जोर दिया ताकि घरेलू ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे।
किसानों को नहीं होगी खाद की कमी, रबी और खरीफ के लिए पर्याप्त स्टॉक
कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए बैठक में भरोसा दिलाया गया कि आगामी रबी सीजन के लिए देश में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक का बफर स्टॉक मौजूद है। इसके साथ ही वर्ष 2027 की खरीफ फसल को ध्यान में रखते हुए भी अग्रिम रिज़र्व तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार की कोशिश है कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारतीय किसानों को खाद की किल्लत का सामना न करना पड़े।
निर्यात और आर्थिक प्रभाव पर नजर, जरूरत पड़ने पर दिए जाएंगे राहत पैकेज
होर्मुज संकट से भारतीय निर्यात और व्यापारिक गलियारे प्रभावित न हों, इसके लिए आर्थिक असर का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में भारतीय निर्यातकों को संभावित नुकसान से बचाने और उन्हें आवश्यक सहयोग देने के विकल्पों पर विचार हुआ। सरकार ने साफ किया है कि वह वैश्विक घटनाक्रम पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखे हुए है और आवश्यकतानुसार तत्काल कड़े व प्रभावी फैसले लिए जाएंगे।
