रिपोर्टर: रतन कुमार
Jamtara : जिले के नारायणपुर प्रखंड स्थित कोरिडीह-2 गांव (बंदरचुआ पंचायत) से विभागीय लापरवाही का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहाँ लाखों रुपये की लागत से बना स्वास्थ्य उपकेंद्र चालू होने का इंतजार ही कर रहा था कि महज 300 मीटर की दूरी पर एक और नए उपकेंद्र का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने सरकारी धन के इस्तेमाल और प्रशासनिक तालमेल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Jamtara शिलान्यास के वर्षों बाद भी हैंडओवर का इंतजार
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 14 मार्च 2021 को तत्कालीन विधायक और वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के तहत करीब ₹40,99,987 की लागत से इस उपकेंद्र की आधारशिला रखी थी। निर्माण कार्य पूरा हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर न मिलने के कारण इस भवन में इलाज की सुविधाएं शुरू ही नहीं हो पाईं।
चालू होने से पहले ही पास में नए भवन का शिलान्यास
पुराने भवन के ताले खुलने से पहले ही, 16 फरवरी 2026 को भवन निर्माण प्रमंडल द्वारा करीब 300 मीटर दूर एक और स्वास्थ्य उपकेंद्र का शिलान्यास करवा दिया गया। इसका उद्घाटन भी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने ही किया। एक ही गांव में इतनी कम दूरी पर दूसरा स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आश्चर्य है।
विभागीय अनभिज्ञता और जांच की मांग
मामले पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि पुराना भवन हैंडओवर न होने की वजह से बंद पड़ा है। दूसरी तरफ, भवन निर्माण प्रमंडल के सहायक अभियंता अमित कुमार ने शुरुआत में दोनों भवनों के बीच 1 किमी की दूरी का दावा किया, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि उन्होंने नए स्थल का खुद निरीक्षण ही नहीं किया था और न ही उनके पास नए प्रोजेक्ट की तय लागत का कोई डेटा था। फिलहाल यह पूरा मामला जांच का विषय बना हुआ है ताकि इस वित्तीय व प्रशासनिक चूक की असल वजह सामने आ सके।
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