रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर
Supaul : बिहार के सुपौल जिले से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने बैंकिंग सिस्टम से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं। यहाँ त्रिवेणीगंज प्रखंड क्षेत्र में रहने वाली एक मामूली आंगनबाड़ी सहायिका के बैंक खाते में अचानक 740 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि दिखाई देने लगी। इस घटना के उजागर होते ही पूरे प्रशासनिक महकमे और इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
Supaul सीएससी (CSC) केंद्र पर खुली किस्मत, स्क्रीन देख उड़े संचालक के होश
यह पूरा मामला त्रिवेणीगंज प्रखंड की हरिहरपट्टी पंचायत (वार्ड संख्या 10) का है। यहाँ आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 339 पर सहायिका के पद पर कार्यरत गीता देवी बीते 10 जुलाई को अपने घरेलू खर्च के लिए पैसे निकालने गांव के ही एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पहुंची थीं। गीता देवी ने अपने खाते से 2100 रुपये की सामान्य निकासी की।
इसके बाद जब सीएससी संचालक बलराम कुमार ने उनके खाते का बचा हुआ बैलेंस (Available Balance) चेक किया, तो कंप्यूटर स्क्रीन पर 7,40,68,72,895.78 रुपये (सात अरब चालीस करोड़ रुपये से अधिक) का बैलेंस शो होने लगा। इतनी बड़ी रकम देखकर संचालक और महिला दोनों सन्न रह गए।
Supaul पति से पूछा तो खुला राज—’मैंने तो सिर्फ मजदूरी के पैसे भेजे’
शुरुआत में इतनी बड़ी रकम देखकर गीता देवी को लगा कि शायद पंजाब में मजदूरी करने वाले उनके पति प्रदीप कुमार ने कोई बड़ी धनराशि भेजी होगी। हालांकि, जब उन्होंने तुरंत फोन कर अपने पति से इस बारे में बात की, तो पति ने हैरान होते हुए बताया कि उन्होंने ऐसी कोई बड़ी रकम नहीं भेजी है। इसके बाद से ही पूरे परिवार की चिंता और असमंजस बढ़ गया कि आखिर यह पैसा आया कहाँ से।
सीएससी संचालक बलराम कुमार ने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से यह केंद्र चला रहे हैं, लेकिन अपने करियर में उन्होंने पहली बार किसी गरीब के खाते में इतनी बड़ी रकम देखी है। उन्होंने तुरंत महिला को बैंक से संपर्क करने की सलाह दी।
Supaul दोबारा चेक करने पर खाता हुआ ‘फ्रीज’
बैंकिंग सिस्टम ने लिया तुरंत एक्शन: इस चौंकाने वाले खुलासे के कुछ ही देर बाद जब सीएससी संचालक ने दोबारा खाते की स्थिति जांची, तो बैंक द्वारा उस खाते को होल्ड यानी ‘फ्रीज’ (Freeze) किया जा चुका था। इसके बाद जब महिला ने खाते से 10 हजार रुपये निकालने का प्रयास किया, तो वह ट्रांजैक्शन पूरी तरह असफल रहा।
Supaul तकनीकी गड़बड़ी या साइबर फ्रॉड? जांच में जुटे अधिकारी
अब सबसे बड़ा अनुत्तरित सवाल यह है कि एक आंगनबाड़ी सहायिका के खाते में इतनी बड़ी रकम रिफ्लेक्ट कैसे हुई? बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी प्रकार की तकनीकी खराबी (Technical System Glitch) या फिर साइबर त्रुटि (Server Error) का परिणाम हो सकता है। फिलहाल बैंक प्रबंधन और संबंधित एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।

