रिपोर्टर: गनेश सिंह
Delhi : दिल्ली में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कड़े निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग ने एक व्यापक सर्वे किया, जिसमें दिल्ली के 108 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों की इमारतों को असुरक्षित और जोखिम भरा पाया गया है। बच्चों की जान को खतरे में न डालते हुए सरकार ने इन ढांचों के खिलाफ तुरंत कदम उठाने का फैसला किया है।
Delhi 54 स्कूल इमारतें बेहद खस्ताहाल, 7 को जमींदोज करने की तैयारी
सघन जांच के बाद सामने आया है कि चिन्हित की गई 108 इमारतों में से 54 भवनों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक और जर्जर है। प्रशासन ने इन खतरनाक ढांचों को हटाने के लिए कानूनी और कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से 7 सबसे ज्यादा संवेदनशील स्कूल भवनों को अगले कुछ ही महीनों के भीतर पूरी तरह ध्वस्त (Demolish) कर दिया जाएगा। इसके अलावा, 14 अन्य संदिग्ध स्कूल परिसरों की जांच के लिए भी नए प्रस्ताव भेजे गए हैं।
Delhi PWD करेगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, तैयार होगी ‘डिजिटल प्रोफाइल’
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को सभी पुराने स्कूल भवनों का व्यापक ‘स्ट्रक्चरल ऑडिट’ करने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह विभाग न केवल इमारतों की मजबूती की जांच करेगा, बल्कि उनके पुनर्निर्माण की लागत का भी खाका तैयार करेगा। इसके साथ ही, अब दिल्ली के सभी स्कूलों की एक डिजिटल प्रोफाइलिंग की जाएगी। इस डिजिटल रिकॉर्ड में स्कूल की संरचनात्मक मजबूती, भूकंप रोधी क्षमता और अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) जैसे कड़े मानकों का पूरा डेटा दर्ज रहेगा।
Delhi जर्जर इमारतों की जगह बनेंगे भूकंपरोधी ‘G+4’ स्कूल, पढ़ाई नहीं होगी बाधित
पुरानी और असुरक्षित हो चुकीं इन इमारतों को गिराकर वहां आधुनिक तकनीक से लैस नई भूकंपरोधी G+4 (चार मंजिला) स्कूल बिल्डिंग्स बनाई जाएंगी। इतना ही नहीं, दिल्ली सरकार के पास उपलब्ध 27 खाली पड़े सरकारी भूखंडों (Plots) पर भी नए और सर्वसुविधायुक्त स्कूल बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य के दौरान बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए पूरे प्रोजेक्ट को चरणबद्ध (Phase-wise) तरीके से लागू किया जाएगा।
निजी स्कूलों को भी सख्त हिदायत: बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने प्राइवेट स्कूलों के एकाधिकार पर भी नकेल कसी है। उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि कोई भी निजी स्कूल पेरेंट्स को किसी खास दुकान से ही किताबें, स्टेशनरी या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर औचक निरीक्षण कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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