PoK Protest and India Pakistan Dispute : पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इस समय जो हालात हैं, वे इतिहास में पहले कभी नहीं देखे गए। बिजली, आटे की बढ़ती कीमतों और बुनियादी अधिकारों के लिए शुरू हुआ जनता का विरोध अब एक बड़े जनांदोलन में बदल चुका है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान जिस तरह से पिछले 79 सालों से पीओके के लोगों पर जुल्म ढा रहा है, वह अब उसके लिए नासूर बन चुका है। हालात इतने बेकाबू हैं कि आंदोलनकारी नेता खुलेआम भारत से दखल देने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या पाकिस्तान को अंततः घुटने टेककर यह इलाका भारत को सौंपना पड़ेगा?
PoK Protest and India Pakistan Dispute सोवियत संघ की तरह बिखर सकता है पाकिस्तान: रक्षा विशेषज्ञ का दावा
डिफेंस एनालिस्ट लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) जेएस सोढ़ी के अनुसार, पाकिस्तान लंबे समय से पीओके को संभालने में पूरी तरह नाकाम रहा है। इतिहास गवाह है कि जब किसी क्षेत्र की जनता पर जबरन हुकूमत थोपी जाती है, तो उसका अंत सोवियत संघ जैसा होता है। 25 दिसंबर 1991 को जिस तरह मिखाइल गोर्बाचेव के इस्तीफे के बाद सोवियत संघ 15 देशों में टूट गया था, ठीक वैसे ही हालात आज पाकिस्तान के नजर आ रहे हैं। पाकिस्तान को आज नहीं तो कल यह स्वीकार करना ही होगा कि पीओके हमेशा से भारत का अभिन्न अंग था और रहेगा। चौतरफा अंतरराष्ट्रीय दबाव और स्थानीय विद्रोह के कारण पाकिस्तान को एक दिन यहां से अपना दावा छोड़ना ही पड़ेगा।
"पाकिस्तान को यह बात हर हाल में समझनी होगी कि पीओके हमेशा से भारत का ही हिस्सा था और यह एक दिन भारत का ही होकर रहेगा। जिस दिन पाकिस्तान को यह समझ आ जाएगा, वो पीओके पर अपना दावा छोड़ सकता है।
लेफ्टिनेंट कर्नल (रि.) जेएस सोढ़ी, डिफेंस एनालिस्ट
PoK Protest and India Pakistan Dispute क्या है ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) जिसने उड़ाई मुनीर-शहबाज की नींद?
पीओके में चल रहा यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के फायदे के लिए नहीं है, बल्कि इसे ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) का नेतृत्व मिल रहा है। इस कमेटी में आम लोग—जैसे दुकानदार, सरकारी कर्मचारी, शिक्षक और ट्रांसपोर्टर्स शामिल हैं। इस्लामाबाद से चलने वाली कठपुतली सरकार ने इस आंदोलन को दबाने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार कर दी हैं। प्रदर्शनकारियों को गोलियों से भूना जा रहा है, नेताओं पर करोड़ों के इनाम रखे जा रहे हैं और इंटरनेट व जरूरी सामानों की सप्लाई रोक दी गई है। इसके बावजूद जनता पीछे हटने को तैयार नहीं है क्योंकि वे खुद को पाकिस्तान में ‘दोयम दर्जे’ का नागरिक मानकर थक चुके हैं।
PoK Protest and India Pakistan Dispute पाकिस्तान के वजूद के लिए ‘लाइफलाइन’ है कश्मीर, भारत के पास दखल का पूरा हक
कश्मीर को पाकिस्तान हमेशा से अपनी ‘लाइफलाइन’ (Jugular Vein) कहता आया है, क्योंकि इसी क्षेत्र से उसे पनबिजली (Hydroelectricity) और पानी की मुख्य सप्लाई मिलती है। विडंबना यह है कि पूरे पाकिस्तान को रोशन करने वाले पीओके के लोग खुद अंधेरे और भारी बिजली कटौती में रहने को मजबूर हैं। भारत का रुख हमेशा से साफ रहा है कि संपूर्ण कश्मीर भारत का हिस्सा है। चूंकि अब वहां के स्थानीय नेता मानवीय आधार पर भारत से मदद की गुहार लगा रहे हैं, इसलिए भारत के पास अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को घेरने और इस मामले में कूटनीतिक हस्तक्षेप करने का पूरा और मजबूत अधिकार है।
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