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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Moga Stray Dog Attack Incident : पंजाब के मोगा जिले के कपूरे गांव से एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक मामला सामने आया है। यहाँ खेतों से काम करके घर लौट रहे एक खेतिहर मजदूर पर आवारा कुत्तों के झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया। कुत्तों ने व्यक्ति को इस कदर बेरहमी से नोचा कि मौके पर ही उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई। दिल को झकझोर देने वाली बात यह है कि पूरी रात मृतक का शव लहूलुहान हालत में खेत में ही पड़ा रहा और हिंसक हो चुके कुत्ते उसके शरीर के अंगों (आंतों) को भी खा गए। मृतक की पहचान सरबजीत सिंह के रूप में हुई है, जो अपने घर के पास ही स्थित खेतों में मजदूरी करता था।

Moga Stray Dog Attack Incident धान के खेत में पानी लगाकर लौट रहा था घर, सुबह मिला शव

मिली जानकारी के मुताबिक, सरबजीत सिंह गांव के ही एक जमींदार के पास काम करता था। घटना वाली रात वह धान की फसल में पानी लगाने के बाद वापस अपने घर की तरफ आ रहा था। घर से कुछ ही दूरी पर अंधेरे का फायदा उठाकर 35-40 आवारा कुत्तों के एक बड़े झुंड ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।

सरबजीत को संभलने का मौका ही नहीं मिला और कुत्तों ने उस पर धावा बोल दिया। अगली सुबह जब ग्रामीण खेतों की तरफ गए, तो उन्होंने सरबजीत का क्षत-विक्षत शव देखा, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी और दहशत फैल गई।

Moga Stray Dog Attack Incident गांव में पहले भी हो चुके हैं कई हमले, प्रशासन की लापरवाही से फूटा गुस्सा

स्थानीय निवासियों (सुखदेव सिंह और गुरबक्श सिंह) ने बताया कि गांव में इस तरह का यह पहला वाकया नहीं है। कपूरे गांव में आवारा कुत्तों का आतंक लंबे समय से है और ये खूंखार कुत्ते इससे पहले भी करीब 8 से 10 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर जिला प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें और मांग-पत्र सौंपे, लेकिन अधिकारियों की कान पर जूं तक नहीं रेंगी। किसी भी ठोस कार्रवाई के अभाव में आज एक मासूम मजदूर को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस समय धान की बुवाई का सीजन चल रहा है जिसके कारण किसानों को रात में पानी लगाने जाना पड़ता है, लेकिन इस घटना के बाद से किसान अब रात में खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं।

Moga Stray Dog Attack Incident पीड़ित परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट, मुआवजे की गुहार

मृतक सरबजीत सिंह अपने पीछे दो बच्चे, पत्नी और बूढ़ी मां को छोड़ गया है। वह अपने पूरे परिवार में अकेला कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत के बाद से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उनके सामने आजीविका (रोजी-रोटी) का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

मृतक की पत्नी रमनदीप कौर ने रोते हुए बताया कि उनके पति ही घर का एकमात्र सहारा थे। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने पंजाब सरकार से मांग की है कि बेसहारा हुए इस परिवार के पालन-पोषण के लिए उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा जल्द से जल्द मंजूर किया जाए, साथ ही गांव को इन खूंखार कुत्तों के आतंक से परमानेंट निजात दिलाई जाए।

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