रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Lucknow Fire Incident Investigation : लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त रुख में नजर आ रहे हैं। देर रात बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने इस हादसे की बारीकी से समीक्षा की और साफ कहा कि लापरवाही बरतने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मामले की पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से जांच करने के लिए मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।
Lucknow Fire Incident Investigation दो वरिष्ठ अधिकारियों के कंधों पर जांच की बड़ी जिम्मेदारी
इस पूरे हादसे की तह तक जाने के लिए सरकार ने प्रशासन के दो सबसे भरोसेमंद और वरिष्ठ अधिकारियों को चुना है। गठित की गई एसआईटी (SIT) में धर्मार्थ कार्य, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। ये दोनों अधिकारी तकनीकी खामियों से लेकर इंसानी चूक तक, घटना के हर एक पहलू की गहराई से पड़ताल करेंगे।
Lucknow Fire Incident Investigation एक हफ्ते के भीतर सरकार को सौंपनी होगी विस्तृत रिपोर्ट
राज्य सरकार ने विशेष जांच दल के लिए समय-सीमा तय कर दी है। एसआईटी को अगले 7 दिनों के भीतर अपनी पूरी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सामने पेश करनी होगी। इस जांच का मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि आग लगने की असली वजह क्या थी, क्या इमारत में सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) का पालन किया जा रहा था, और क्या इस हादसे के पीछे किसी प्रशासनिक स्तर पर कोई बड़ी लापरवाही छिपी है।
Lucknow Fire Incident Investigation मुख्यमंत्री ने खुद लिया घायलों का हालचाल, पूरे राज्य में सुरक्षा की होगी समीक्षा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। इसके बाद वे फौरन अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायल नागरिकों के इलाज की व्यवस्था देखी और डॉक्टरों को हर संभव बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं। इस घटना के बाद अब पूरे उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक परिसरों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नए सिरे से अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की कड़ी समीक्षा की जाएगी।

