रिपोर्टर: ईशु प्रसाद
Bengaluru : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा रविवार, 21 जून को आयोजित की गई नीट-यूजी (NEET-UG) की दोबारा परीक्षा के दौरान बेंगलुरु से एक बेहद भावुक और विचलित कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ के आरसी गवर्नमेंट कॉलेज परीक्षा केंद्र पर महज 2 मिनट की देरी ने तीन छात्राओं के सालभर की कड़ी मेहनत और डॉक्टर बनने के सपने पर पानी फेर दिया।
Bengaluru लाउडस्पीकर पर आखिरी चेतावनी और लॉक हुआ गेट
बेंगलुरु के इस परीक्षा केंद्र पर दोपहर 1 बजकर 29 मिनट पर बकायदा लाउडस्पीकर से अंतिम घोषणा की जा रही थी कि प्रवेश का यह आखिरी मिनट है और ठीक 1:30 बजे मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। तय समय के अनुसार, एनटीए के कड़े नियमों का पालन करते हुए ठीक 1:30 बजे गेट पर ताला जड़ दिया गया। इसके ठीक दो मिनट बाद, यानी 1 बजकर 32 मिनट पर तीन छात्राएं हांफती हुई दौड़ते हुए केंद्र पर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
Bengaluru घबराहट में लांघी दीवार, पर किस्मत ने नहीं दिया साथ
गेट बंद देखकर छात्राओं और उनके अभिभावकों के होश उड़ गए। करियर दांव पर लगा देख और समय बीतने के तनाव में घबराईं तीनों लड़कियों ने आनन-फानन में मुख्य द्वार की ऊंची लोहे की रेलिंग पर चढ़कर अंदर छलांग लगा दी। अंदर जाने के बाद वे दौड़कर मुख्य परिसर में दाखिल हुईं, लेकिन वहां भी परीक्षा हॉल का मुख्य दरवाजा पूरी तरह लॉक हो चुका था। केंद्र के अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया।
Bengaluru ‘पॉलिटिकल रैली’ के ट्रैफिक ने बिगाड़ा खेल
गेट के बाहर रोते-बिलखते परिजनों ने बताया कि वे अपने घरों से समय पर निकले थे, लेकिन शहर में चल रही कांग्रेस की रैली के कारण जगह-जगह भीषण ट्रैफिक जाम लगा हुआ था। वाहनों के इस चक्रव्यूह में फंसने की वजह से ही वे परीक्षा केंद्र पर पहुंचने में महज 120 सेकंड (2 मिनट) लेट हो गए। परिजनों ने गेट खोलने की काफी मिन्नतें कीं, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण उन्हें अंदर प्रवेश नहीं मिल सका।
Bengaluru साख बचाने के लिए NTA का अभूतपूर्व सुरक्षा चक्रव्यूह
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित हुई नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक और धांधली के कारण रद्द होने के बाद आज देश भर में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई है। इस बार अपनी साख बचाने के लिए एनटीए ने जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा का कड़ा पहरा लगाया था। इस परीक्षा में 22 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए हैं, जिन्हें 15 मिनट का अतिरिक्त समय (दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक) दिया गया। प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए इस बार भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से पेपरों को संवेदनशील इलाकों और परीक्षा केंद्रों तक सीधे पहुंचाया गया था।
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