रिपोर्टर: रंजन कुमार
Sheikhpura : बिहार में नई सरकार के गठन के 60 दिन पूरे होने के अवसर पर ऊर्जा क्षेत्र को एक बड़ा तोहफा मिला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से राज्य के गरीब परिवारों के लिए ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का भव्य शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का सीधा प्रसारण शेखपुरा समाहरणालय (कलेक्टर ऑफिस) के मंथन सभागार में देखा और सुना गया। इस मौके पर जिले के आला अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय बिजली उपभोक्ता मौजूद रहे।

Sheikhpura समाहरणालय में मुख्यमंत्री के संबोधन का हुआ लाइव प्रसारण
मुख्यमंत्री के वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर शेखपुरा के मंथन सभागार में एक विशेष और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस गरिमामयी अवसर पर जिले के जिलाधिकारी (DM) शेखर आनंद, जदयू विधायक रणधीर कुमार सोनी, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार सहित बिजली विभाग के कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ों कुटीर उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री का संबोधन सुना और इस कल्याणकारी योजना की शुरुआत के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
Sheikhpura नवंबर का था सरकारी टारगेट, जिला प्रशासन अक्टूबर में ही करेगा पूरा
योजना के तहत शेखपुरा जिले को कुल 2077 ज्योति कुटीर उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर मुफ्त रूफटॉप सोलर पैनल लगाने का बड़ा लक्ष्य मिला है। सरकार की ओर से इस कार्य को पूरा करने की अंतिम समय सीमा 20 नवंबर तय की गई है। हालांकि, जिलाधिकारी शेखर आनंद ने प्रशासनिक तत्परता दिखाते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। डीएम ने विद्युत विभाग और संबंधित नोडल एजेंसी को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे समय सीमा का इंतजार न करें और निर्धारित तिथि से एक महीने पहले, यानी अक्टूबर में ही सभी 2077 घरों में सोलर पैनल स्थापित करने का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लें।
Sheikhpura बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनेंगे गरीब परिवार, विधायक ने सराहा
इस योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जदयू विधायक रणधीर कुमार सोनी ने कहा कि यह कदम समाज के सबसे निचले तबके के उपभोक्ताओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। मुफ्त सोलर पैनल लग जाने से कुटीर ज्योति योजना के अंतर्गत आने वाले गरीब परिवारों को हर महीने आने वाले बिजली बिल के खर्च से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी और वे बिजली के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि इससे न केवल गरीब परिवारों की आर्थिक बचत होगी, बल्कि जिले में स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त ऊर्जा (Green Energy) को भी बढ़ावा मिलेगा।

