रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Gariaband : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दंडईपानी के घने जंगल क्षेत्र में चलाए गए एक संयुक्त खोजी अभियान (सर्च ऑपरेशन) के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया एक संदिग्ध डंप (सामग्रियों का जखीरा) खोज निकाला। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची बम निरोधक एवं निष्क्रिय दस्ता (BDDS) की टीम ने सघन जांच के बाद इसमें भारी मात्रा में बारूद और विस्फोटक होने की पुष्टि की।
Gariaband टिफिन बम और प्रेशर कुकर आईईडी को किया गया डिफ्यूज
नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने के मकसद से भारी मात्रा में विस्फोटक छिपा रखा था। डंप की तलाशी के दौरान जवानों ने 4 किलोग्राम वजनी प्रेशर कुकर आईईडी, कुकर बम और खतरनाक टिफिन बम बरामद किए। बीडीडीएस की टीम ने सूझबूझ और पूरी सतर्कता बरतते हुए इन सभी जानलेवा विस्फोटकों को जंगल के भीतर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय (डिफ्यूज) कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
Gariaband भरमार राइफल सहित दैनिक उपयोग की सामग्रियां भी जब्त
विस्फोटकों के अलावा सुरक्षा बलों को मौके से भारी मात्रा में युद्धक और अन्य सामग्रियां भी मिली हैं। जब्त किए गए सामानों में भरमार राइफल, इंटरसेप्टर, यूबीजीएल (UBGL) राउंड, विभिन्न मैगजीन, बिजली के तार और गन पाउडर शामिल हैं। इसके साथ ही नक्सलियों के इस गुप्त ठिकाने से बड़ी मात्रा में जीवन रक्षक दवाइयां और रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं भी बरामद की गई हैं, जो इस इलाके में उनकी सक्रिय मौजूदगी की ओर इशारा करती हैं।
Gariaband सीआरपीएफ और जिला पुलिस का संयुक्त अभियान रहेगा जारी
प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और स्थानीय जिला पुलिस की संयुक्त टीमें इस पूरे बेल्ट में लगातार गश्त कर रही हैं। सुरक्षा बलों का कहना है कि अंदरूनी और जंगली इलाकों में माओवादियों के खिलाफ नक्सल उन्मूलन अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि गरियाबंद क्षेत्र में पूरी तरह से अमन-चैन और सुरक्षा का माहौल कायम रखा जा सके।

