SaktiSakti
Spread the love

रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Sakti : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के ग्राम पंचायत झालरौदा में प्रस्तावित डोलोमाइट खदान को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। आगामी 17 जून को होने वाली सार्वजनिक जनसुनवाई का ग्रामीणों और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने कड़ा विरोध किया है। इस परियोजना को रोकने और जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग को लेकर प्रभावितों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

Sakti सरकारी जमीन को निजी बताकर खदान खोलने का आरोप

ग्रामीणों और संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिस जमीन पर डोलोमाइट खदान को मंजूरी देने की प्रक्रिया चल रही है, वह वास्तव में शासकीय भूमि है। आरोप है कि अधिकारियों की कथित साठगांठ से इस सरकारी जमीन को निजी संपत्ति के रूप में प्रदर्शित किया गया है, ताकि खदान का रास्ता साफ हो सके। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इसके लिए वर्ष 1954 के पुराने राजस्व रिकॉर्ड्स में भी कथित रूप से हेरफेर और अवैध नामांतरण किया गया है।

Sakti प्रदूषण और पर्यावरण बिगड़ने की चिंता

स्थानीय निवासियों का कहना है कि झालरौदा गांव में पहले से ही दो डोलोमाइट खदानें धड़ल्ले से चल रही हैं। क्षेत्र में पहले ही प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ चुका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्तमान खदान संचालक नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से काम करते हैं, जिससे पूरे इलाके में धूल और प्रदूषण फैलता है। ऐसे में एक और नई खदान खुलने से पर्यावरण पूरी तरह तबाह हो जाएगा।

Sakti जनजीवन और स्वास्थ्य पर संकट, निरस्तीकरण की मांग

कलेक्टर को सौंपे गए शिकायती पत्र में साफ कहा गया है कि नई खदान शुरू होने से ग्रामीणों के स्वास्थ्य, दैनिक दिनचर्या और आजीविका पर बेहद बुरा असर पड़ेगा। क्षेत्र के लोगों ने जनहित और पर्यावरण की रक्षा का हवाला देते हुए 17 जून की जनसुनवाई को तुरंत रद्द करने की मांग की है। फिलहाल इस संवेदनशील मामले पर जिला प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

ये भी पढ़े: Sikar प्रशासन की अनूठी पहल: खेतों तक पहुंचे अधिकारी, 8 वर्षों से बंद पड़े रास्ते को खुलवाकर ग्रामीणों को दी बड़ी राहत