India-Pak BorderIndia-Pak Border
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India-Pak Border : भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए राजस्थान प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। जैसलमेर की जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0 से 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी अवैध कब्जों और निर्माण कार्यों का एक व्यापक सर्वे कराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन कर तैयार किए गए ऐसे ढांचों पर दिवाली से पहले सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

India-Pak Border केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर शुरू हुआ महासर्वे

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राज्य के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सीमावर्ती जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (SPs) के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमाई इलाकों में भूमि उपयोग की निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना और खुफिया तंत्र को मजबूत बनाना था। इसी कड़ी में प्रशासन अब जैसलमेर के 41 सीमावर्ती गांवों का एक विस्तृत डेटा बैंक और सुरक्षा नक्शा (Security Map) तैयार करने जा रहा है, जिसमें जमीन की वास्तविक स्थिति और आबादी का पूरा लेखा-जोखा होगा।

India-Pak Border स्थानीय लोगों की मदद से मजबूत होगा खुफिया नेटवर्क

सीमा पर देश विरोधी गतिविधियों और घुसपैठ को रोकने के लिए सूचना तंत्र (Information Network) को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:

  • एजेंसियों में समन्वय: सीमा सुरक्षा बल (BSF), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), सेना, स्थानीय पुलिस और नागरिक प्रशासन के बीच होने वाली मासिक बैठकों को अधिक प्रभावी और परिणाम-उन्मुख बनाया जाएगा।
  • ग्राउंड-लेवल नेटवर्क: बॉर्डर इलाकों में रहने वाले पशुपालकों, पूर्व सैनिकों, पटवारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी इस नेटवर्क का हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत मिल सके।

India-Pak Border संदिग्ध निर्माणों और उनकी फंडिंग की होगी गहन जांच

जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बॉर्डर के पास हो रहे निर्माण कार्यों की प्रकृति की बारीकी से जांच की जाएगी। यदि कोई स्थानीय नागरिक सिर्फ खेती के उद्देश्य से जमीन का उपयोग कर रहा है, तो उस पर विचार अलग होगा। लेकिन यदि सीमा के बिल्कुल नजदीक बड़े पैमाने पर पक्के निर्माण कार्य या संदिग्ध गतिविधियां पाई जाती हैं, तो प्रशासन इसकी गहराई से जांच करेगा कि इस निर्माण के लिए पैसा (Funding) कहां से आ रहा है। सभी राजस्व अधिकारियों को सर्वे का काम जल्द पूरा कर रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।