रिपोर्टर: अविनाश चन्द्र
Chirmiri : छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के अंतर्गत आने वाले नगर पालिक निगम चिरमिरी में विकास कार्यों में लापरवाही को लेकर घमासान शुरू हो गया है। वार्ड क्रमांक 28 में बनाई गई गुणवत्ता विहीन सड़क के विरोध में भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रदीप सलूजा ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सैकड़ों की संख्या में मौजूद आक्रोशित वार्डवासियों के साथ निगम दफ्तर पहुंचकर कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा और दोषी निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
Chirmiri दो साल में ही जर्जर हुई सीसी सड़क, शुरुआत से उठ रहे थे सवाल
मामला चिरमिरी के वार्ड 28 का है, जहाँ वर्ष 2022-23 के दौरान एक सीसी (Cement Concrete) सड़क का निर्माण कराया गया था। भाजपा नेता प्रदीप सलूजा और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस सड़क के निर्माण में तकनीकी मानकों और गुणवत्ता की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। हालत यह थी कि काम पूरा होने से पहले ही सड़क पर दरारें पड़ने लगी थीं और उसकी ऊपरी परत उखड़ने लगी थी। कई बार शिकायत करने के बाद भी संबंधित विभाग और इंजीनियरों ने इस पर ध्यान नहीं दिया, जिससे आज सड़क पूरी तरह बदहाल हो चुकी है।
Chirmiri स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंची शिकायत, ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
सड़क निर्माण में हुए इस कथित भ्रष्टाचार का मामला प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री, जिला कलेक्टर और अन्य आला अधिकारियों तक भी पहुंचाया जा चुका है। निगम कमिश्नर और एसडीएम को सौंपे गए ताजा ज्ञापन में प्रदीप सलूजा ने पूर्व में की गई शिकायतों की कॉपियां भी संलग्न की हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में प्रशासन से मांग की है कि जनता के पैसे का दुरुपयोग करने वाले ठेकेदार को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए और या तो संबंधित एजेंसी से अपने खर्च पर सड़क का दोबारा निर्माण कराया जाए या फिर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो।
Chirmiri प्रशासन ने दिया जांच का भरोसा, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान मौके पर मौजूद चिरमिरी एसडीएम विजेंद्र सारथी और निगम के प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय नागरिकों को निष्पक्ष जांच और उचित कानूनी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया है। दूसरी तरफ, वार्डवासियों में प्रशासन के ढुलमुल रवैए को लेकर भारी नाराजगी है। भाजपा नेता ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई और सड़क की मरम्मत शुरू नहीं की गई, तो वे जनता के हक के लिए एक बड़ा और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

